अधिवक्ता परिषद का दो दिनी अधिवेशन 27 से

BY — October 26, 2012

मूर्त रूप नहीं ले पाई न्याय सुलभ उपलब्ध कराने की योजना

udaipur. अधिवक्ता परिषद की ओर से विधि निर्माण प्रक्रिया-वर्तमान परिदृश्य एवं अधिवक्ताओं की भूमिका पर दो दिवसीय प्रांतीय अधिवेशन 27 अक्टूबर से काया के समीप राजेन्द्र शांति विहार में शुरू होगा।

परिषद के प्रदेश संयोजक अरूण कुमार शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि अधिवेशन में राजस्थान की 33 जिला इकाईयों से करीब 350 प्रतिनिधि भाग लेंगे। उदयपुर इकाई के अध्यक्ष राजेन्द्रसिंह राठौड़ ने बताया कि अधिवेशन में मुख्य विषय के अतिरिक्त भू संरक्षण-चुनौतियां एवं समाधान, ग्राम न्यायालय-उद्धेश्य एवं वर्तमान परिदृश्य विषयों पर प्रस्ताव एवं दीवानी विधि में जनहित के मामलों में विधिक प्रावधान व विधिक उपचार एवं जनहित याचिकाएं, आपराधिक प्रकरण एवं अनुसंधान प्रणाली विषयों पर चर्चा की जाएगी।
महामंत्री कमलेश दाणी ने बताया कि अधिवेशन के उद्घाटन सत्र में पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता जगदीप धनकड़ मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करेंगे। वरिष्ठ अधिवक्ता आर एन माथुर ‘भू संरक्षण-चुनौतियां एवं समाधान’ विषय पर संबोधित करेगें। अध्यक्षता पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शांतिलाल चपलोत करेंगे। अधिवेशन में ‘भू संरक्षण-चुनौतियां एवं समाधान’ व ‘ग्राम न्यायालय-उद्धेश्य एवं वर्तमान परिदृश्य’ विषयों पर विस्तृत चर्चा के पश्चात् पारित प्रस्तावों को राज्य सरकार व केन्द्र सरकार को प्रेषित किया जाएगा।
ग्राम पंचायत की अवधारणा अधर में
ग्राम न्याययालय की अवधारणा को लेकर राज्य् सरकार ने एक्ट  तो बना दिया लेकिन नियम नहीं बनाने से यह अब तक अधर में है। गत विधानसभा सत्र में शिक्षा, विश्व विद्यालय सम्बयन्धीर 9 मिनट में 10 विधेयक पारित कर दिए गए। इन पर चर्चा तक नहीं हो पाई। ऐसे में इनके व्या वहारिक रूप में लागू होने पर प्रश्नतचिह्न लगता है।
अधिवक्ता‍ओं ने कहा कि ग्राम न्या यालय की मूल अवधारणा न्यांय सभी के लिए सुलभ करवाना थी। अब तक ग्रामों में न तो कैम्पय लग पाया और न ही कोई वहां गया। फिर कैसे ग्राम न्या यालयों को मूर्त रूप दिया जा सकता है। ग्राम न्या यालयों का गठन सिर्फ कागजों में होकर रह गया है। इनके गठन की उद्देश्यप पूर्ति नहीं हो पा रही है।
प्रदेश अधिवेशन में 27 अक्टूबर को सांयकालीन सत्र में भारत में प्रत्यक्ष विदेशी पूंजी निवेश पर पेसिफिक विश्वविद्यालय के प्रो प्रेसीडेंट डॉ. भगवती प्रकाश शर्मा विचार व्यक्त करेंगे। प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं अधिवेशन के व्यवस्था प्रमुख ऋषभ कुमार ने बताया कि समापन सत्र 28 अक्टूबर को सुबह 11.30 बजे होगा। प्रदेश अधिवेशन में अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद् के राष्ट्रीय संगठन मंत्री कमलेश सिंह एवं राष्ट्रीय महामंत्री डी. भरत कुमार अधिवक्ता अधिवेशन में पधारे प्रतिनिधियों का मार्गदर्शन करेंगे। प्रदेश मंत्री एवं अधिवेशन के सह संयोजक प्रवीण खंडेलवाल ने बताया कि अधिवेशन में 27 अक्टूबर को अधिवक्ता परिषद्, राजस्थान की प्रदेश कार्यकारिणी एवं प्रदेश परिषद् की एक बैठक होगी जिसमें तीन वर्षों के लिये प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रदेश महामंत्री का चुनाव किया जाएगा।

Print Friendly, PDF & Email
admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *