पटाखों को भी नहीं छोड़ा महंगाई ने

BY — November 9, 2012

50 से 150 तक की रेंज में हैं टिकड़ी चलाने वाली बंदूकें

udaipur. महंगाई यहां भी पीछा नहीं छोड़ रही। यहां भी गत वर्ष के मुकाबले कीब 25 से 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। जी हां, हम बात कर रहे हैं हर किसी को खुश करने वाले पटाखों की।

पेट्रोलियम पदार्थों में बार बार मूल्यहवृद्धि के कारण सुदूर राज्यों  से आने वाले पटाखों के भाव भी बढ़ गए हैं। मतलब अब पटाखे चलाना बडे़ घरों की बात होकर न रह जाए। दुकानों के लिए प्रशासन ने अस्था यी लाइसेंस भी दिए हैं तो कहीं अलग दुकानें भी खुली हैं। पटाखा विक्रेताओं के अनुसार पटाखों की कीमतों में मंहगाई का असर है। दीपावली पर विविध तथा प्रकार के पटाखों की वैरायटियां आई हैं। कुछ पटाखे ऐसे भी हैं जिनसे आसमां तो रंगीन होगा, जमीन पर भी सितारों की बारात सजेगी। ऐसे पटाखे भी उपलब्धख हैं जिसमें आवाज नहीं आएगी लेकिन वे चमक जमकर बिखेरेंगे। नई वैरायटियों में स्टार व्हील्स, व्हिसलिंग चक्कर, क्रेजी टॉयज, सायरन टार्च आदि है। इसमें भी प्रमुख रूप से फ्लोरा फाउण्टेन नामक पटाखा है जिसमें चकरी व अनार का मिश्रण है। इसमें अनार जलकर बुझ जाएगा तो चकरी शुरू हो जाएगी।
बच्चों के लिए पटाखे : माइन ऑफ सरपेंट्स नामक पटाखे को जलाने पर 15 सांप निकलेंगे। गोलाकार फ्लाइंग सॉसर नामक पटाखे को जलाने पर यह उड़ेगा और और बिलकुल यूएफओ (अनआईडेंटिफाईड फ्लाइंड आब्जेक्ट) की तरह प्रतीत होगा। बच्चों के लिए 50 से 150 रुपए तक की बंदूकें उपलब्ध हैं जिनमें टिकड़ी भरकर चलाया जाता है। बाजार में ब्ल्यू पर्ल नामक ऐसा पटाखा बाजार में अया है जिसे जलाने पर वह 250 फीट ऊपर तक जाएगा और ब्ल्यू व पर्पल कलर के सितारे बिखेरेगा। 25 शॉट्स वाला मुबंई एक्सप्रेस नामक पटाखा पहली बार चार कलर के कॉम्बिनेशन में आया है। इस बार पांच प्रकार की फुलझडिय़ां भी 5 इन वन पैकेट में उपलब्ध रहेगी।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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