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पथरी रोग आयुर्वेदिक निवारण शिविर

BY — February 13, 2013

ayurvedUdaipur. राजकीय आदर्श आयुर्वेद औषधालय सिंधी बाजार उदयपुर में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को जन जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रत्येक बुधवार को लगने वाले शिविरों में 13 फरवरी को पथरी रोग निवारण शिविर लगाया गया। इसमें रोगियों ने चिकित्सा परामर्श लेकर रोगियों को निशुल्क दवाएं वितरित कीं।

शिविर प्रभारी आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डॉ. शोभालाल औदीच्य ने बताया कि अत्यधिक मांस, पालक, भिण्डी, स्ट्राबेरी, टमाटर, दूध, पनीर, मछली, अण्डा, लम्बी फली युक्त दालो से एवं रात्रि में भोजन करने व पानी कम पीने से पथरी होने की संभावना बढ़ जाती है। इससे बचने के लिए समय पर भोजन करना, भोजन के 1 घण्टे बाद अत्यधिक पानी का प्रयोग करना, छाछ, तरबूज, रात्रि मे जल्दी भोजन करना चाहिए व वरूण की छाल, गोक्षुर, नारियल पानी, पाइनेपल जूस, केला, बादाम, नींबू, गाजर, करेला आदि का सेवन करने से पथरी रोग से बचाव संभव है। शिविर में पथरी होने के कारण, बचने के उपायो पर पोस्टर प्रदर्शनी लगाई गई। शिविर मे डॉ. औदीच्य के साथ नर्स रूकमणी कलासुआ, शंकरलाल मीणा, अमृतलाल परमार, इन्दिरा डामोर, रामसिंह ठाकुर, गजेन्द्र कुमार आमेटा ने अपनी सेवाएं दी।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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