नशे से दूर रहकर गर्भावस्था की विकृतियों से बच सकती हैं महिलाएं

BY — March 15, 2013

150302Udaipur. ’नर्स भी बचा सकती है नशे से’ कार्यक्रम के तहत डॉ. दलाल नर्सिंग होम आई हॉस्पिटल में जल सरंक्षण व नशा निवारण अभियान में लगे डॉ. पी.सी. जैन ने नर्सिंग स्टाफ को ’लेपटॉप शो’ से दोनों बातें समझाई।

उन्होनें पूछा कि वे कम होती दृष्टि से बार-बार होने वाले गर्भपात वाले रोगियों से किसी तरह का नशा करने कें बारे में पता  लगाते हैं? कम होती दृष्टि में तंबाकू, शराब एक कारण बनता जा रहा है तथा भूजल में उपस्थित फलोराइड भी एक कारण है। इसी वजह से बार-बार होने वाले गर्भपात व विकृत शरीर वाले शिशु की माता या पिता भी शराब व तम्बाकू के आदि हो सकते हैं। अगर नर्स ’फाइव ए टेस्ट तथा ’केज टेस्ट‘ हर मरीज पर करे तो कई रोगियों को इस स्थिति से बचा सकती है। अन्त में उन्होंने वर्षाजल से भूजल का डी फ्लोराईजेशन व पुनर्भरण की तकनीक भी पर समझाई। सभी ने नशे मुक्ति के स्व. डॉ. आर. के. अग्रवाल के इस अभियान को आगे बढाने का संकल्प किया। धन्यवाद स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. अनिता दलाल तथा प्रतीक चिन्ह नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. आर के दलाल ने दिया।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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