आंवला, हल्दी, करेला डायबिटीज में कारगर

BY — May 4, 2013

शारीरिक श्रम का अभाव एवं मानसिक तनाव ही डायबिटीज का मुख्य कारण

ayurvedUdaipur. राजकीय आदर्श आयुर्वेद औषधालय सिंधी बाजार में आरोग्य दिवस के अन्तर्गत 46 वां शिविर प्रातः 9 बजे से 11 बजे तक निशुल्क डायबिटीज जांच औषधालय मे की गई जिसमें भारी संख्या में महिला पुरुषों ने जांच करवाई। शिविर में कुल 207 रोगियों ने निशुल्क जांच करवाई एवं परामर्श लिया।

आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डॉ. शोभालाल औदिच्य ने बताया कि अत्यधिक चावल, दही, मिठाई, ज्यूस व खानपान में अनियमितता, शारीरिक श्रम का अभाव ही डायबिटीज का मुख्य कारण है। यह रोग पाचन संस्थान संबंधी दोष के कारण होता है तथा मस्तिष्कभ से अधिक काम लेने से भी अक्सर यह रोग हो जाता है। इस समय व्यक्ति को चलने की बजाय खडा़ रहना? खडे़ रहने की बजाय बैठना? बैठने की बजाय लेटना? लेटने की बजाय सोना? आदि लक्षण नजर आने लगे तो तुरन्त चिकित्सक से सम्पर्क करें। अतः भारतीय जीवनशैली अपनाकर एवं खान पान पर नियंत्रण कर डायबिटीज से बचा जा सकता है। साथ ही आयुर्वेद में बताये आंवला, हल्दी, करेला, जामुन की गुठली, विजयासार, मैथी, गुड़मार, दारू हल्दी, बेहड़ा, हरड़, देवदारू आदि का प्रयोग कर डायबिटीज रोग से बचा जा सकता है। शिविर में विषय विशेषज्ञ डॉ. विष्णु, बंशीवाल, अमृतलाल डामोर, नर्स इन्दिरा डामोर, शंकर मीणा, रामसिंह ठाकुर ने अपनी निशुल्क सेवाएं प्रदान की।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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