उमडे़ विप्र ‘जयघोष महोत्सव’ में

BY — June 16, 2013

निकली भव्य कलशयात्रा

160609Udaipur. विप्र फाउण्डेशन द्वारा आयोजित विप्र जयघोष महोत्सव का आयोजन रविवार को बी. एन कॉलेज मैदान पर हुआ। पूर्व केन्द्रीय मंत्री व चित्तौड़गढ़ सांसद डॉ. गिरिजा व्यास ने कहा कि ब्राहम्णत्व का अर्थ कुरीतियों को हटाने की प्रतिबद्धता है।

उन्होंने कहा कि त्याग व बलिदान की धरती से किया गया। विप्र एकता का जयघोष एकता समन्वय, समता व समानता का घोष करेगा। ब्राह्मण माफ करना भी जानता और दधिचि की तरह हड्डियो का दान करना भी जानता है। मेवाड़ की धरती से उठा जयघोष व्यर्थ नही जायेगा।
फाउण्डेशन के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष मुकेश दाधीच ने आरक्षण की मौजूदा व्यवस्था को प्रतिभाओं का हनन् बताया और मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा की आवश्यकता बताई। प्रदेशाध्यक्ष अनुराग शर्मा ने कहा कि जयपुर के ऐतिहासिक विप्र महाकुम्भ के बाद जाग्रत विप्र समाज को दिशा देने के लिए जिला स्तर पर विप्र जयघोष महोत्सव पदेश भर मे होंगे।
पूर्व सांसद भानूकुमार शास्त्री, राष्ट्रीय संरक्षक रतन शर्मा आदि ने भी विचार व्यदक्तं किए।
160610प्रारम्भ में कसार व ईडाणा से आये बटुको ने स्वस्ति वाचन व मंगलाचरण किया। सांसद गिरिजा व्यास, राष्ट्रीय संरक्षक रतन शर्मा सहयोजक सुशील ओझा ने भगवान परशुराम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर महोत्सव का शुभारम्भ किया।
विप्र जयघोष महोत्सव के स्वागताध्यक्ष गणपत मेनारिया, संयोजक धर्म नारायण जोशी व सह संयोजक के. के. शर्मा ने स्वागत भाषण किया। राष्ट्रीय संरक्षक रतन शर्मा व संयोजक सुशील ओझा ने महोत्सव की सफलता के लिए धर्मनारायण जोशी के.के. शर्मा को पगड़ी पहनाकर व साल ओडाकर सम्मानित किया।
महोत्सव प्रदेश महासचिव विनोद अमन, महिला शाखा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. प्राची दीक्षित, युवा शाखा प्रदेशाध्यक्ष सुनिल मुदगल, राष्ट्रीय महासचिव श्रीकिशन जोशी, कार्यवाहक प्रदेशाध्यक्ष मूकेश दाधिच, प्रदेशाध्यक्ष अनुराग शर्मा ने विचार व्यक्त किया। विप्र फाउण्डेशन के जिला पदाधिकारी हिम्मत लाल नागदा, जगदीश मेनारिया, हरिश आर्य, लज्जा शंकर नागदा, भवर लाल शर्मा, मगन जोशी, विजयप्रकाश विप्लवी गजेन्द्र चौबिसा दुर्गेश शर्मा, चेतन सनाढय गोविन्द दीक्षित, प्रदीप श्रीमाली ने अतिथियों का स्वागत किया।
160611कलश यात्रा –
महोत्सव से पूर्व विज्ञान महाविद्यालय व विद्या निकेतन सेक्टर – 4 से कलश यात्रा प्रारम्भ हुई। मांगलिक वेश पहने महिलाऐं सिर पर कलश व श्रीफल लिये महिलाऐ मंगल गीत गा रही थी। कलश यात्रा में सुनिता शर्मा, कल्पना शर्मा, इन्दिरा राजपुरोहित, चन्द्रकान्ता मेनारिया, वर्षा पुरोहित, राजकुमारी मेनारिया, अर्चना शर्मा, हेमलता शर्मा, मधुपालीवाल, मीना शर्मा सहित बड़ी संख्या में महिलायें सामिल हुई।
विप्रदर्शिका विमोचन : फाउण्डेशन की स्मारिका विप्रदर्शिका का विमोचन पुर्व सांसद भानू कुमार शास्त्री व अन्य अतिथिओ ने किया। स्मारिका सम्पादक प्रेम नारायण जोशी ने स्मारिका मे वैवाहिक परिचय सम्मेलन व संस्थान के विविध आयामों जानकारी दी गयी है।
संत मंच व समरसता मंच : समारोह स्थल पर पंडाल के मुख्य मंच के दोनो और बने संत मच पर साधू संत व समरसता मंच पर विभिन्न समाजो के प्रतिनिधि सभापति रजनी ड़ागी, मनोहर सिंह कृष्णावत, घनश्यामसिंह कृष्णावत, पार्षद रियाज हुसैन मोहम्मद अयूब, रविन्द्र पाल सिंह कप्पू सहित कई विशिष्टवजन मोजूद थै। उदयपुर जिले में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले दसवीं व बाहरवीं के विप्र छात्र-छात्राओं को पांच हजार का शिक्षा प्रोत्साहन पुरूस्कार प्रदान किया गया। महोत्सव का समापन भगवान परशुराम की महाआरती व महाप्रसादी के साथ हुआ।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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