चिन्ता करने से बढ़ता है माइग्रेन

BY — June 19, 2013

आयुर्वेद चिकित्सा शिविर

ayurvedUdaipur. आमजन विशेषकर महिलाओं में चिंता अधिक करने से माइग्रेन में अत्यशधिक वृद्धि होती है। यह जानकारी राजकीय आदर्श आयुर्वेद औषधालय सिंधी बाजार में माइग्रेन रोग निवारण हेतु लगे आयुर्वेद चिकित्सा शिविर में विशेषज्ञों ने दी।

आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डॉ. शोभालाल औदीच्य ने बताया कि अत्यधिक चिन्तनशील पढ़ी लिखी महिलाओं में माइग्रेन ज्यादा पाया जा रहा है। शिविर में 25 वर्ष पुराने माइग्रेन रोगियों ने शिविर का लाभ उठाया। माइग्रेन होने का मुख्य कारण आज के आधुनिक युग में अत्यधिक तनाव, अनियमित खान-पान, देर रात जागना है माइग्रेन रोगी अत्यधिक खट्टे पदार्थ यथा दही, अचार, अमचूर, इमली, बेसन एवं गरिष्ठ भोजन का उपयोग नहीं करे, इसलिए नियमित योग, समय पर खान पान के साथ ही भरपूर नींद का उपयोग करना चाहिए।
शिविर में सम्बन्धित रोगो से बचाव के संबंध में पोस्टर प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया। शिविर में डॉ. औदीच्य के साथ अमृतलाल परमार, इन्दिरा डामोर, शंकरलाल मीणा, रामसिंह ठाकुर, गजेन्द्र कुमार आमेटा ने सेवाएं दी।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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