जेल में हत्या या आत्महत्या?

BY — July 12, 2013

बंदियों से हो रही है वसूली

120705Udaipur. दुष्कर्म के मामले में केन्द्रीय जेल में विचाराधीन कैदी का रस्‍सी से हाथ-पैर बंधा शव बाथरूम में मिला। परिस्थितियां आत्महत्या को नकार रही है। जेल में हत्या होना जेल प्रशासन के लिए शर्मनाक हो सकता है। मेडिकल बोर्ड से पोस्‍टमार्टम करवाकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

जानकारों के अनुसार गुरुवार दोपहर जेल के बाहर हत्या  की अफवाह उड़ी थी। सूरजपोल पुलिस का जाब्ता मौके पर पहुंचा भी लेकिन कुछ नहीं पाकर वे वापस निकल गया। उधर मृतक के परिजनों का आरोप है कि मंगवाए गए रुपए वे यहां लेकर पहुंचे, उससे पहले ही उसकी हत्‍या कर दी गई। मृतक कैदी केलवा (राजसमंद) निवासी दिनेश सालवी को मावली में दुष्कर्म के मामले में दो माह पूर्व अप्रेल में मावली से उदयपुर जेल स्थानांतरित किया गया था। बताया जाता है कि जेल के अंदर नशीली वस्तुएं मंगवाने तथा अंदर के माफिया राज की पिटाई से बचने के लिए कैदियों से पैसे मंगवाए जाते थे। इसी को लेकर दिनेश ने परिजनों से 12 हजार रुपए मंगवाए थे।
पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से दिनेश के शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। दिनेश का शव तौलिये से बनी रस्सी से से लटका था। हालांकि जेल प्रशासन अब तक मोबाइल उपयोग नहीं होने का दावा करता रहा है लेकिन बंदियों से वसूली का काम धड़ल्ले से चल रहा है। मामले की न्यायिक मजिस्ट्रेट जांच कर रहे हैं।

Print Friendly, PDF & Email
admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *