फुटबॉल खेल रहे हैं गांव के बच्चे भी

BY — July 15, 2013

आईआईएम उदयपुर ने संचालित की क्रांति फुटबॉल एकेडमी

4Udaipur. जिन बच्चों को गिल्ली डंडा या गांव के छोटे-मोटे खेलों से अधिक नहीं आता था, आज वे भी अच्छी तरह से फुटबॉल खेल रहे हैं। यह संभव कर दिखाया है उदयपुर आईआईएम के छात्रों प्रदीप मीणा, गौरव मीणा, अभिषेक कुमार और दीपांकर बोहरा ने।

2इनका मानना है कि बिना किसी धर्म, मजहब, जाति लिंग के बैकग्राउंड के हर बच्चे को फुटबॉल खेलना चाहिए। इससे जीवन में एक तरह का मैनेजमेंट आता है। आईआईएम उदयपुर के तहत संचालित क्रांति फुटबॉल एकेडमी ने फुटबॉल में दक्षता के लिए पास के ही दो गांव रघुनाथपुरा एवं काली मगरी को गोद लिया है। यह इसलिए भी सराहनीय है कि इन्होंने यहां के बच्चों खास तौर से बालिकाओं को भी फुटबॉल सिखाने का निर्णय किया। आरंभ से ही अपने बचपन का पूरा आनंद उठाएं, आत्मविष्वास के लिए उन्हें एक प्लेटफॉर्म मिले और अपने जीवन में अपने लक्ष्य को प्राप्त करें, इस उद्देष्य से इस एकेडमी का गठन किया गया है।
5एक माह के अथक परिश्रम और प्रशिक्षण के बाद दोनों गांव की टीमों के मध्य रविवार को एमडीएस हॉस्टल के सामने स्थित एमएलएसयू ग्राउंड पर मैच हुआ। दोनों गर्ल्स एवं बॉयज के मैचों में काली मगरी की टीम ने रघुनाथपुरा की टीम को क्रमशः 3-0 एवं 7-0 से हराया। बॉयज के मैच में बेस्ट प्लेयर काली मगरी के सुरेन्द्र एवं रघुनाथपुरा के रमेश तथा गर्ल्स में काली मगरी की पूनम एवं रघुनाथपुरा की फूलवंती रही। क्रांति फुटबॉल एकेडमी राजस्थान एवं भारत के लिए फुटबॉल टीम तैयार करना चाहती है। उदयपुर जिले के अन्य गांवों में भी एकेडमी का विकास करने का उद्देश्य है।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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