‘अणुशक्ति का उपयोग मानव हित में हो’

BY — August 6, 2013

060807Udaipur. इनरव्हील क्लब, उदयपुर द्वारा राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, रेजीडेन्सी में हिरोशिमा दिवस के अवसर पर वार्ता हुई। मुख्य वक्ता राजस्थान विद्यापीठ इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रिंसिपल व भौतिक शास्त्री डॅा. कमलप्रकाश तलेसरा थे।

लगभग 500 छात्राओं की उपस्थिति के बीच डॉ. तलेसरा ने बताया कि 6 अगस्त, 1945 सोमवार प्रात: 8.$15 बजे जापान के हिरोशिमा शहर पर लिटिल बम नाम से यूरेनियम 235 युक्त 20,000 टीएनटी क्षमता का अणुबम बी-29 पन्द्रह सौ फीट की ऊँचाई से डाला गया। इस अणु बम से छत्ते की आकार का विशाल धुँऐं की गुब्बारा उठा, जिसने 5 किलोमीटर रेडियस में तबाही का ताण्डव बरसाया। ईंटें व धातु पिघलने लगे। मानव शरीर काले पडऩे लगे। 80,000 व्यक्ति काल कलवित हो गए।
इसी क्रम में 9 अगस्त, 1945 को प्लूटोनियम 239 फ्लेटमेन नाम का बम नागाशाकी शहर पर डाला गया। इसमें 1,50,000 व्यक्ति मारे गये। यह दिन दुनिया में इसलिए मनाया जाता है कि इस प्रकार का नरसंहार भविष्य में न हो और इस ऊर्जा का उपयोग मानव के उन्नति के लिए किया जाए। 2013 के आंकड़ों के अनुसार विभिन्न देशों के पास अणुबम व हाइड्रोजन बम हैं, जिनमें यूएसए आर 8500, यूएसए 770, फ्रान्स 300, चाइना 250, यूके 225, पाकिस्तान 120, भारत 110, इजराइल 80 तथा नार्थ कोरिया के पास 10 बम है। इस विभीषिका को दर्शाने हेतु छात्राओं के मध्य पोस्टर प्रतियोगिता भी हुई, जिसमें छात्राओं ने विभीषिका को बहुत मार्मिक रूप से दर्शाया। विजेता छात्राओं को पुरस्कार दिए गए। इस अवसर पर अध्यक्ष शकुन्तला धाकड़, सचिव स्नेहलता साबला, अरूणा जावरिया, सोनल खमेसरा, सुन्दरी छतवानी, साधना मेहता ने भी विचार व्यक्त किये।

Print Friendly, PDF & Email
admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *