शिक्षा, शोध, ट्रेनिंग को दें प्राथमिकता

BY — October 18, 2013

विद्यापीठ : सीटीई कार्यक्रम सलाहकार समिति की महत्वपूर्ण बैठक

181001Udaipur. जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ की केंद्र प्रवर्तित योजना के तहत शिक्षा सुधार, शोध एवं शिक्षकों की ट्रेनिंग, वोकेशनल कोर्सेज कार्यक्रम को महत्वे देकर शुक्रवार को कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत की अध्यक्षता में बैठक में विषय विशेषज्ञों के साथ महत्वपूर्ण निर्णय किए गए।

बैठक में शिक्षाविदों ने कहा कि विषय आधारित शोध कार्य किये जाएं। सेवारत शिक्षकों को सूचना प्रोद्योगिकी के माध्यम से शिक्षण हेतु तैयार किया जाए, एनसीएफ 2005 को शिक्षकों को अवगत कराया जाए, पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई| बैठक में पूर्व एसआईआरटी निदेशक के. सी. मालू, शिक्षाविद प्रो. ए.बी.फाटक, प्रो. के.सी.एस. जैन, डॉ. सरोज गर्ग, डॉ. बलिदान जैन, डॉ. बी. एल. श्रीमाली ने भी विचार व्यवक्तफ किए। आरम्भ में सीटीई प्रतिवेदन प्राचार्य डॉ. शशि चित्तोड़ा ने प्रस्तुत किया। धन्यवाद डॉ. कैलाश चौधरी ने दिया।
शोध-रिसर्च पेपर को दें प्राथमिकता : कुलपति प्रो. एस. एस. सारंगदेवोत ने कहा कि सत्र के दौरान सभी अकादमिक सदस्यों तथा विभागाध्यक्ष शोध पर आधारित विभिन्न कार्यक्रमों को प्राथमिकता दें| साथ ही क्वालिटी अश्योरेंस तथा एक्सीलेंस पर ध्यान दें| तथा हर विभाग अपना रिसर्च पेपर तथा इनविटेशन कार्यक्रमों को तुरंत प्रभाव से संपन्न करें।
ये आए सुझाव : इन-सर्विस टीचिंग स्टाफ के लिए समर वेकेशन में 21 दिनों का व्यवसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाए। मोबाइल यूनिट के माध्यम से टीचर्स के ट्रेनिंग की व्यवस्था की जाए। सीनियर टीचर्स के लिए अलग से प्री-सर्विस कोर्स का संचालन हो। विद्यापीठ के डबोक स्थित एलएमटीटी में गावों में इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स पर सत्र आरम्भ होने से पूर्व कार्य शुरू हो जाने चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में व्यावसयिक पाठ्यक्रम शुरू करना।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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