खिलौना बने मोबाइल : खर्चा खा रहे खड़े टावर

BY — October 27, 2013

271001फतहनगर. भारतीय दूरसंचार निगम पर प्रत्येक भारतीय का भरोसा है लेकिन फतहनगर क्षेत्र में दूरसंचार ने लोगों का भरोसा ही तोड़ दिया है। अच्छी सर्विस के इंतजार में क्षेत्र के लोग तीन वर्षों से बैठे हैं।

कहने को तो फतहनगर दूरभाष केन्द्र उपखण्ड मुख्यालय है लेकिन यहां के अधिकारी भी लगता है कि आगे के अधिकारियों के हाथों मजबूर हैं। ऐसे में दूरसंचार निगम की सेवा से उपभोक्ताग खासे परेशान हैं। लोगों का कहना है कि कई बार मोबाइल से बात होते होते कट जाती है तो कई बार मोबाइल फतहनगर क्षेत्र में होते हुए भी रेंज से बाहर हो जाता है। फतहनगर से दो किलोमीटर हवाई रेंज होते हुए भी चंगेड़ी में इसके सिग्रल नहीं मिलते। गांव से बाहर ही बात हो पाती है। गांव के भीतर एवं घरों में मोबाइल खिलौना बनकर रह जाते हैं। दूरसंचार निगम ने पिछले तीन वर्ष से गांव के बाहर टावर भी खड़ा कर रखा है लेकिन उसे अब तक शुरू नहीं किया गया है। टावर का बिजली कनेक्शभन करवा रखा है तथा विभाग बिजली का बिल भी अदा कर रहा है। बिजली के बिल भरते हुए भी विभाग को काफी समय हो गया है। जमीन का किराया लग रहा है लेकिन लगता है अधिकारियों को इसकी तनिक भी चिंता नहीं है। विभाग की पोल के कारण बीएसएनएल के उपभोक्ताय निजी मोबाइल कम्पनियों की ओर जा रहे हैं जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है। चंगेड़ी के मोबाइल उपभोक्तारओं ने बताया कि उन्होने अब तक बीएसएनएल के मोबाइल इस आस में रखे थे कि जल्द ही टावर शुरु हो जाएगा लेकिन अब मजबूरी में निजी कम्पनी के मोबाइल कनेक्श न लेने पड़ रहे हैं। चंगेड़ी के अलावा ईन्टाली एवं जेवाणा में भी दूरसंचार निगम के टावर पिछले तीन वर्ष से शुरू होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इन स्थानों पर भी बिजली के कनेक्शदन हो चुके हैं तथा विभाग किराया व बिल भी अदा कर रहा है। जेवाणा तथा ईन्टाली में तो 80 फीसदी से अधिक लोगों ने निजी कम्पनियों के मोबाइल कनेक्शान ले लिए हैं।
फतहनगर में भी ठीक नहीं सेवा : बीएसएनएल की सेवा भगवान भरोसे कही जाए तो भी कोई अतिश्योीक्ति नहीं। आउट साइड के इलाकों में इसकी सेवा से लोग परेशान हैं लेकिन इसकी सेवा पालिका क्षेत्र को भी पूरी तरह से कवर नहीं करती। यही कारण है कि पालिका के सनवाड़ क्षेत्र में भी घरों के भीतर जाते ही मोबाइल मृत हो जाते हैं। इसके सिग्नल कमजोर होने से बात भी ढंग से नहीं हो पाती। इसके सिग्नोल की रेंज बढ़ाने की आवश्यकता है।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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