अच्छे साहित्य का विलुप्त होना चिंताजनक : चतुर्वेदी

BY — November 28, 2013

281102Udaipur. कर्नाटक के विधानपरिषद के सदस्य लहरसिंह सिरोया व मूर्धन्य साहित्यकार नंद चतुर्वेदी ने देश में विलुप्त होते अच्छे साहित्य को साहित्य जगत के लिए चिंताजनक बताया।

चतुर्वेदी के निवास पर राजनेता व साहित्यकार के बीच हुई चर्चा में उक्त बात सामनें आयी। सिरोया ने चतुर्वेदी को साहित्य जगत का चमकता हुआ सितारा बताते हुए कहा कि धीरे-धीरे देश में ख्याातिप्राप्त साहित्यकार के हो रहे देहंात से अच्छा साहित्य विलुप्त होता जा रहा है। जिस कारण साहित्य में रूचि रखने वाले देश के नौजवानों को अच्छा साहित्य पढऩे को नहीं मिल पा रहा है। चतुर्वेदी देश के गिने-चुने साहित्यकारों में से एक है जिन्होनें देश के साहित्य जगत को एक नयी दिशा दी। इस अवसर पर सिरोया  ने चतुर्वेदी का शॉल ओढ़ाकर अभिनंदन किया एवं स्वस्थ्य लाभ एवं दीर्घायु की कामना की।
मूलत: राजसमन्द जिले के कुवारियां निवासी सिरोया ने उदयपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी गुलाबचन्द कटारिया से मुलाकात कर क्षेत्र में भाजपा की स्थिति पर चर्चा की। तत्पश्चात उन्होनें गोगुन्दा,भीम, राजसमन्द, झाड़ोल, कुंभलगढ़, नाथद्वारा, भीम का दौरा कर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकताओं  से सलाह-मशविरा कर क्षेत्र की जानकारी ली।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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