सिंगाड़ा व अजवायन खाएं, बचें थायराइड से

BY — December 4, 2013

ayurvedउदयपुर। राजकीय आदर्श आयुर्वेद औषधालय सिंधी बाजार में 4 दिसम्बर को थाइराइड रोग निवारण शिविर का आयोजन प्रातः 9 से 12 बजे तक किया गया। आज के प्रतिस्पर्धा के युग में व्यक्ति की महत्वाकांक्षाएं काफी बढ गई है जिससे व्यक्ति ही नही छोटे बच्चे भी मां बाप की महत्वाकांक्षाओं के शिकार होकर मानसिक तनाव मे रहते है और नित नये-नये रोग का जन्म हो रहा है।

डॉ. शोभालाल औदीच्य ने बताया कि थायराइड भी अत्यधिक मानसिक तनाव जन्य रोग है। अतः तनावरहित जिन्दगी एवं आयुर्वेद में बतायी दिनचर्या, ऋतुचर्या का पालन करने के साथ ही खाने मे सिंघाडा, बैंगन, जामुन का प्रयोग करने से साथ ही पानी की कठोरता कम करने हेतु अजवायन का नित्य प्रयोग करने से एवं बोर की जड को दूध के साथ एवं विदारिकन्द की जड़ को दूध के साथ उबाल कर पीने से थाईराइड रोग से बचा जा सकता है। इसी श्रृंखला में आरोग्य दिवस के अन्तर्गत माह के प्रथम शनिवार को अगला शिविर 7 दिसम्बर को डायबिटीज की निःशुल्क जांच एवं चिकित्सा शिविर सुबह 9 से 11 बजे तक आयोजित किया जायेगा। अतः रोगियों से निवेदन है कि सम्बन्धित रोगों में पूर्व कराई गई जांचें साथ लेकर आएं। शिविर में नर्स रुक्मिणी कलासुआ, रूकमणी परमार, कम्पाउण्डर अमृतलाल परमार, इन्दिरा डामोर, शंकरलाल मीणा, परिचारक रामसिंह ठाकुर, गजेन्द्र आमेटा ने सेवाएं दी।

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