एईएन की पत्नी के जिम्मे था वसूली का काम!

BY — January 10, 2014

घर से कार्यालय का रिकार्ड व हाजिरी रजिस्टर बरामद, कोटड़ा के एवीवीएनएल का एईएन
जिला प्रमुख ने कहा-एसीबी से कराई जाएगी जांच

bribeउदयपुर। जिले के कोटड़ा क्षेत्र के पुलिस उपाधीक्षक के मासिक बंधी के खुलासे का मामले की सुर्खियां अभी थमी नहीं कि इसी क्षेत्र के विद्युत निगम में कार्यरत अभियंता ने अधीनस्थ कर्मचारियों से वसूली का सारा कार्य अपनी पत्नी के जिम्मे ही सौंप रखा था। शिकायत मिली तो उच्चाधिकारियों ने इसे मजाक समझा लेकिन जब जिला कलक्टर ने इस मामले की जांच अधिशासी अभियंता से कराई तो सच्चाेई सामने आ गई।

कार्यालय की बजाय आरोपी अभियंता के घर से सारा रिकार्ड बरामद हुआ, जिसमें कर्मचारियों का हाजिरी रजिस्टर भी शामिल है। इस खुलासे के बाद अब जिला प्रमुख मधु मेहता ने एसीबी के जरिए जांच की घोषणा की है। बताया गया कि कोटड़ा क्षेत्र के जूड़ा सरपंच ने अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के सहायक अभियंता किरण कुमार जैन की पत्नी वृष्टि जैन के खिलाफ जनप्रतिनिधियों व निगम के कर्मचारियों से अभद्रतापूर्ण व्यवहार तथा किसी भी काम को बिना पैसे के नहीं कराए जाने का आरोप लगाया था। अधीनस्थ कर्मचारियों की हाजिरी लगाए जाने के एवज में भी पैसे मांगे जाने की शिकायत कलक्टर को मिली थी। कोटड़ा में नियुक्त कनिष्ठ अभियंता सुधाकर पाण्डे को भी एईएन जैन द्वारा चार्ज नहीं सौंपे जाने की शिकायत मिली थी। इस पर जिला कलक्टर आशुतोष पेंढणेकर ने 21 दिसम्बर, 2013 को एवीवीएनएल के अधिशासी अभियंता श्रवणराम को जांच के लिए भेजा। वहां जाकर देखा तो श्रवणराम चौक गए। ऑफिस के काम के सभी दस्तावेज व रिकार्ड एईएन किरणकुमार जैन ने अपने घर रखे हुए थे।
यहां तक कि अधीनस्थ कर्मचारियेां को अपनी हाजिरी भरने के लिए उनके घर जाना होता था। जांच में इसका भी खुलासा हुआ कि एईएन जैन की बजाय सभी अधीनस्थ कर्मचारियों के कार्य व हाजिरी भरने का अधिकार पत्नीए को सौंप रखा था। बड़ली-गट्टू पिपलिया में जनवरी 2014 में जिस जीएसएस का कार्य पूरा होना था, उसके लिए नियुक्त ठेकेदार को सामान ही नहीं सौंपा गया। जांच अधिकारी श्रवणराम ने मौके पर पहुंचकर जीएसएस के लिए निगम द्वारा भेजा गया सामान उनके सुपुर्द किया गया, वहीं एईएन के घर से दफ्तर का रिकार्ड जब्त कर लिया गया। इस रिकार्ड में कर्मचारियों की हाजिरी रजिस्टर भी शामिल है। जीएसएस के लिए आवश्यक सामान ठेकेदार को नहीं सौंपने संबंधी रिकार्ड एवीवीएनएल के एमडी को भी भेजी गई है। इस मामले को शुक्रवार को आयोजित जिला परिषद की बैठक में सदस्य ख्यालीलाल सुहालका ने उठाया तो सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया कि जिला परिषद अध्यक्ष मधु मेहता इस मामले में निर्णय लेंगी। इधर, मेहता ने इस मामले में कहा कि एसीबी से समस्त प्रकरण की जांच कराई जाएगी वहीं, विभागीय कार्रवाई के लिए एवीवीएनएल के एमडी को जांच रिपोर्ट भेजी जानी है।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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