आचार संहिता : जिले में निषेधाज्ञा लागू

BY — March 11, 2014

20 मई तक रहेगी प्रभावी

electionउदयपुर। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट आशुतोष ए. टी. पेडणेकर ने भारतीय दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उदयपुर जिले के राजस्व सीमा क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लागू करने के आदेश जारी किए हैं।

इसके तहत उक्त क्षेत्र की सीमा अन्तर्गत कोई व्यक्ति किसी प्रकार के विस्फोटक पदार्थ, घातक रासायनिक पदार्थ, आग्नेय शस्त्रों जैसे रिवाल्वर, पिस्टल, बी.एल. गन एवं एम. एल. गन आदि, तेज धारदार हथियारों जैसे गन्डासा, फरसा, तलवार, भाला, बरछी, गुप्ती, चाकू, छुरी, कटार, धारिया, बाघनख (शेर पंजा) जो किसी भी धातु का बना हो आदि तथा विधि द्वारा प्रतिबन्धित हथियार और मोटे धातक हथियार इत्यादि एवं लाठी लेकर नहीं चलेगा तथा इनका सार्वजनिक स्थानों पर धारण कर तो न घूमेगा, न ही प्रदर्शन करेगा और न ही प्रयोग करेगा।
यह निषेधाज्ञा आदेश सीमा सुरक्षा बल, राजस्थान सशस्त्र पुलिस बल, राजस्थान पुलिस, राजस्थान होमगार्ड तथा राज्य एवं केन्द्र सरकार के उन कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा जो कि कानून व्यवस्था के संबंध में अपने पास हथियार रखने के लिए प्राधिकृत किए गए हैं। सिख समुदाय के व्यक्तियों को धार्मिक परम्परानुसार नियमान्तर्गत निर्धारित कृपाण रखने की छूट होगी। इनके साथ ही वे अंधे एवं बुजुर्ग लोग लाठी का सहारा ले सकते हैं जो बिना लाठी के नहीं चल सकते हैं। यह आदेश उन व्यक्तियों पर भी लागू नहीं होगा जिन्हें जिला मजिस्ट्रेट के विशेष आदेश द्वारा इन प्रतिबंधों से मुक्त रखा गया है। इसी प्रकार कोई भी सक्षम प्राधिकारी की पूर्वानुमति के बिना किसी भी सार्वजनिक स्थल पर किसी भी प्रयोजन के लिए जुलूस, रैली, सभा, धरना आदि का आयोजन नहीं करेगा।
इसके साथ ही संबंधित क्षेत्र के उपखण्ड मजिस्ट्रेट की पूर्वानुमति के बिना ध्वनि विस्तारण यंत्र का प्रयोग नहीं करेगा। विशेष परिस्थितियों में ध्वनि विस्तारण यंत्र के उपयोग हेतु अनुमति संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट द्वारा प्रात: 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक दी जा सकेगी, किन्तु अनुमति इस प्रकार नहीं दी जाएगी कि इससे यातायात व्यवस्था, लोकसुविधा एवं लोकशांति विक्षुब्ध हो, किन्तु यह प्रतिबन्ध बारात एवं शव यात्रा पर लागू नहीं होगा।
इसी प्रकार इस अवधि के दौरान साम्प्रदायिक सद्भावना को ठेस पहुंचाने वाले तथा उत्तेजनात्मक नारे नहीं लगायेगा, न ही ऐसा कोई भाषण या उद्बोधन देगा, न ही किसी पेम्पलेट, पोस्टर या अन्य प्रकार की चुनाव सामग्री छापेगा या छपवायेगा, न हीं वितरण करेगा या वितरण करवायेगा और न ही किसी एम्पलीफायर, रेडियो, टेपरिकॉर्डर, लाउडस्पीकर, ऑडियों-वीडियों कैसेट, सीडी या अन्य किसी दृश्य-श्रव्य इलेक्ट्रोनिक साधनों के माध्यम से इस प्रकार का प्रचार प्रसार करेगा अथवा करवायेगा और न ही ऐसे कृत्यों के लिए किसी को दुष्प्रेरित करेगा।
इसके साथ ही किसी भी राजनैतिक दल, व्यक्ति के समर्थन या विरोध में सार्वजनिक, राजकीय सम्पत्तियों पर किसी भी तरह के नारे लेखन या चुनाव प्रतीकों का चित्रण नहीं करेगा और न ही किसी तरह के पोस्टर, होर्र्डिग्स आदि लगायेगा और न ही सार्वजनिक, राजकीय सम्पत्तियों को विरूपित करेगा तथा किसी भी सार्वजनिक स्थान पर मादक पदार्थो का सेवन नहीं करेगा, न ही अन्य किसी को सेवन करायेगा, न ही अन्य किसी को इस हेतु दुष्प्रेरित करेगा तथा अधिकृत विक्रेताओं के अलावा कोई भी व्यक्ति निजी उपयोग के अलावा अन्य उपयोग हेतु सार्वजनिक स्थलों में मदिरा लेकर आवागमन नहीं करेगा और न ही उपरोक्त हेतु किसी को दुष्प्रेरित करेगा। सूखा दिवस पर मदिरा विक्रय पुर्णत: प्रतिबन्धित रहेगा।
चुनाव प्रचार या प्रसार हेतु तीन से अधिक वाहनों का काफिला (कॉन्वाय) नहीं रखेगा या चलायेगा। संबंधित रिटर्निंग अधिकारी (उपखण्ड मजिस्ट्रेट) की लिखित पूर्व अनुमति के बिना कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार के वाहन का चुनाव हेतु प्रयोग नहीं करेगा। इसके साथ ही मंदिरों, मस्जिदों, गिरजाघरों, गुरूद्वारों या अन्य धार्मिक स्थानों का उपयोग चुनाव प्रचार मंच के रूप में नहीं किया जाएगा। चुनाव के दौरान मतदाताओं को वाहनों से मतदान केन्द्रों तक लाने-ले जाने पर पूर्ववत रोक रहेगी और लोकसभा चुनाव के दौरान भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आदर्श आचार संहिता का पूर्णतया पालन करना होगा। उन्होंने बताया कि यह आदेश जिले भर में 20 मई, 2014 तक प्रभावी रहेगा। इस आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के अन्तर्गत दण्डित करने की कार्यवाही की जाएगी।

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doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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