यथार्थ को निर्भीकता से बताने वाले थे खुशवंत सिंह : पामेचा

BY — March 27, 2014

विद्यापीठ के अंग्रेजी विभाग की ओर से हुआ आयोजन

270306उदयपुर। जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ विश्व विद्यालय के संघटक माणिक्यलाल वर्मा श्रमजीवी महाविद्यालय के सामाजिक विज्ञान एवं मानवीकी संकाय के अंग्रेजी विभाग द्वारा गुरूवार को अंग्रेजी विख्यात उपन्यासकार पत्रकार, कहानीकार, व इतिहास लेखक स्व. खुशवंत सिंह के रचनाकर्म पर एक विचार गोष्ठी का आयेाजन महाविद्यालय के सभागार में किया गया।

मुख्य अतिथि अधिष्ठाता प्रो. सुमन पामेचा ने खुशवंत सिंह को एक लोकप्रिय लेखक बताया तथा समकालीन भारतीय साहित्य में उनके योगदान की सराहना की। उन्हेांने विभाग द्वारा सामयिक विषयों पर विचार गोष्ठी जैसे आयोजन को एक अच्छी परम्परा बताया। अध्यक्षता करते हुए विभागाध्यक्ष डॉ. मुक्ता शर्मा ने कहा कि भारतीय अंग्रेजी साहित्य के प्रमुख हस्ताक्षर खुशवंत सिंह को शताब्दी का लेखक बताया। उन्होंने कहा कि खुशवंत सिंह अपनी बेबाक शैली व अपने समय की गहरी समझ के लिए जाने जाते हैं उन्होंने जैसा जीवन जीया वैसा ही लिखा भी।

270307इस अवसर पर प्रो. हेमेन्द्र चण्डालिया ने खुशवंत सिंह के सम्पूर्ण रचनाकर्म को सामाजिक यथार्थ की एक निर्भय अभिव्यक्ति बताया। उन्होंने कहा कि विभाजन की त्रासदी से लेकर आपात काल व अयोध्या में मस्जिद ढहाने जैसी घटनाओं पर खुशवंत सिंह ने सच को अभिव्यक्त किया। 1984 में सिखों के विरूद्ध हिंसा का विरोध करते हुए अपना पद्मभूषण सम्मान तक लौटा दिया। इलुस्ट्रेमड वीकली के सम्पादक के रूप में उन्होंने अंग्रेजी  की पत्रकारिता को नये आयाम दिए। उनकी रचनाओं में व्यंग्य का स्वर प्रमुख है। विभाग के सहायक आचार्य मेहजबीन सादडी वाला तथा ऋतम्बरा शर्मा, कीनिका नाहर ने भी विचार व्यक्त किए।
विद्यार्थियों में मेघना माथुर ने खुशवंत सिंह उपन्यास साहित्य, भगवती लाल सुथार ने उनके व्यक्तित्व व कृतित्व, नरेन्द्रपाल सिंह ने उनकी पत्रकारिता पर विचार व्यक्त किए। अनुपम ने खुशवंत सिंह की स्मृति में कविता पाठ किया। मौनिका चौधरी ने संचालन किया जबकि धन्यवाद मेघना माथुर ने दिया।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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