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क्षमता, कौशल व ज्ञान पर दें ध्यान : एरन

BY — April 5, 2014

सनराइज कॉलेज में इंजीनियरिंग अनुप्रयोगों के लिए विशलेषण और सिमुलेशन पर राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं कार्यशाला

050405उदयपुर। पेसिफिक यूनिवर्सिटी के पेट्रन प्रोफेसर आर. के. एरन ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि छात्रों को उत्पादकों में योगदान की जरूरत है एवं वे अपने क्षेत्र में गहराई से अध्यएयन करें ताकि जब वे योग्यदता से आजीविका चला सकें। उन्होंने बताया छात्रों को एएसके पर अपना ध्यान देना चाहिए एवं यहां अभिप्राय क्षमता, एस का कौशल और ज्ञान से है।

सनराइज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन एसआईजी-डब्यूसकें एनएस, दी इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स इंडिया, उदयपुर लोकल सेंटर तथा कम्पयूटर सोसायटी ऑफ इंडिया, उदयपुर चैप्टर के तत्वावधान में इंजीनियरिंग अनुप्रयोगों के लिए विशलेषण और सिमुलेशन पर राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं कार्यशाला का समापन उमरडा़ स्थित सनराइज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन, सभागार में हुई। दूसरे दिन ग्रुप के चेयरमैन हरीश राजानी ने अतिथियों का स्वागत किया।
विशिष्ट अतिथि सीएसआई अहमदाबाद चेप्टर के पूर्व अध्यसक्ष डॉ. हर्षल आरोलकर ने डेटा, जानकारी एवं सूचना ज्ञान का अंतर बताया। विशिष्ट अतिथि डॉ. निलेश कुमार मोदी, अध्यक्ष सीएसआई अहमदाबाद चेप्टर ने सनराइज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन को आयोजन के लिए बधाई दी। आयोजन सचिव अमित जोशी ने संगोष्ठी की रिपोर्ट एवं अनुशंसाएं प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि संगोष्ठी में 35 पत्रों का वाचन किया गया जिससे आधार पर अंनुशसाएं प्रस्तुत की।
050406ग्रुप के आयोजन अध्यक्ष डॉ. मनोज जोशी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। दी इंस्टिट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स ;इंडियाद्ध उदयपुर लोकल सेंटर के अध्यक्ष इंजी. ए.एस. चूण्डावत ने सनराइज ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन को इस महत्वपूर्ण मुददे पर चर्चा के लिए बधाई दी और छात्र इस पर बहस कर लाभान्वित हुए होंगे। उन्होंने बताया कि सिमुलेशन हमारे दैनिक जीवन में आवश्यक है। तथा मानद सचिव डॉ. धर्मसिंह ने इस राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं कार्यशाला में महत्व के बारे में बताया।
मुख्य अनुशंसाएं : एक इंजीनियरिंग अनुप्रयोगों का अनुकरण करने से पहले प्रभावी आधुनिक विश्लेक्षण करना चाहिए। उपयोगकार्ताओं के अनुसार परिप्रेक्ष्य अनुकरण को ध्यान में रखना चाहिए। विशेषज्ञ ज्ञान और प्रणाली सिमुलेशन तकनीक का उपयोग करना चाहिए। इस तरह की संगोष्ठी का आयोजन नियमित रूप से एवं व्यावहारिक अभ्यास के द्वारा किया जाना चाहिए ताकि आने वाली पीढी़ इससे लाभान्वित हो सकें।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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