कम नम्बर आने पर एक छात्र ने जान दी

BY — May 30, 2014

उम्मीद से कम प्रतिशत आए थे, फांसी लगाकर की आत्महत्या

Police_capउदयपुर। परीक्षा के बाद अच्छे नम्बर नहीं आने से अवसाद में गए एक छात्र ने मौका देखकर अपने ही घर में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्र रिजल्ट आने के बाद से ही मानसिक रूप से तनाव में चल रहा था।

मामला प्रतापनगर थाना क्षेत्र है। जहां पर एक छात्र ने कुछ उम्मीद से कम नम्बर आने पर फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस सूत्रों के अनुसार राघव (16) पुत्र ओमप्रकाश ब्राहम्ण निवासी अरविंद नगर सुंदरवास जो सैन्ट्रल स्कूल में 12वीं कक्षा के विज्ञान संकाय का छात्र था। परीक्षा में हुए प्रश्र पत्र के आधार यह छात्र अच्छे नम्बरों की उम्मीद कर रहा था। दो दिन पूर्व घोषित हुए सीबीएसई के साइंस संकाय के रिजल्ट में इस छात्र को 63 प्रतिशत नम्बर प्राप्त हुए थे। जबकि इस छात्र को इससे भी अच्छे नम्बर आने की उम्मीद थी। घोषित रिजल्ट में मात्र 63 प्रतिशत ही नम्बर आने के बाद से ही यह छात्र मानसिक अवसाद ग्रस्त हो गया था। परिजनों के अनुसार दो दिनों छात्र चुपचाप और गुमसुम था व किसी से बात नहीं कर रहा था। इधर परिजनों ने भी अगली बार अच्छी मेहनत करने का समझाया था।
शुक्रवार सुबह इस छात्र राघव के पिता ओमप्रकाश ब्राहम्ण हिन्दुतान जिंक मेंं अपनी नौकरी पर चली गई। छात्र की माता क्षेत्र में ही स्थित किसी काम से चली गई। छात्र का बड़ा भाई जो साफ्टवेयर इंजीनियर था वह फतहसागर की ओर से मॉर्निंग वॉक पर चला गया। पीछे से यह छात्र अपने घर में अकेला था। दो दिनों से मानसिक अवसाद में चल रहे छात्र को यह अच्छा मौका लगा और घर में छत की ओर जाने वाले रास्ते में एक स्थान पर एक एंगल निकला हुआ था। इस पर छात्र ने अपना बेल्ट फंसा दिया और एक सिरा गले में बांधकर कूद गया। जिससे इस छात्र की मौके पर ही मौत हो गई। कुछ देर बाद छात्र की माता पुन: घर पर आई और छात्र को गायब देखकर तलाशा। छत की ओर जाते समय रास्ते में ही छात्र का शव एंगल से लटका हुआ देखा तो उसकी माता घबरा गई और तत्काल इस बारे में पिता को सूचना दी। इधर सूचना मिलने पर फतहसागर की ओर मॉर्निंग वॉक पर गए इस छात्र का बड़ा भाई भी मौके पर घर आ गया।  परिजनों ने इस बारे में पुलिस को सूचना दी। सुबह सात बजे सूचना मिलने पर मौके पर थाने से जाब्ता आया और मृतक के शव को उतरवाकर शव को मोर्चरी में रखवाया। पुलिस ने मृतक के परिजनों की ओर से रिपोर्ट लेकर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि प्रतिवर्ष सीबीएसई और आरबीएसई की 10वीं और 12वीं के विभिन्न संकायों के परीक्षा परिणाम आने के बाद कई युवा मानसिक अवसाद और निराशा में आकर आत्महत्या कर लेते है। यह छात्र भी निराश हो गया था।
कुछ बड़ा करने का सपना था : इधर परिजनों ने बताया कि छात्र का कुछ बड़ा करने का सपना था, जिसमें इस छात्र के लिए इस परीक्षा में अच्छे प्रतिशत आने काफी आवश्यक थे। जैसे ही रिजल्ट घोषित हुआ और 63 प्रतिशत आने पर छात्र निराश हो गया। बताया जा रहा है कि इस छात्र के मित्रों के भी अच्छे नम्बर आए है। इसी कारण मानसिक रूप से अवसाद ग्रस्त हो गया था।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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