एमडब्ल्यूएल को नकारना एक साजिश

BY — June 15, 2014

वेटलैंड संरक्षण क़ानून के तहत हो झीलों, तालाबों का संरक्षण

150609उदयपुर। सभी झीलें व तालाब वेटलैंड की श्रेणी में  आते है। वेटलैंड संरक्षण क़ानून के तहत झीलों, तालाबों को मध्य अधिकतम भराव तल, एमडब्लूएल तक सुरक्षित रखना आवश्यक है। ऐसे में मदार, बड़ी, पिछोला, फतहसागर, उदयसागर सहित राजस्थान के सभी छोटे-बड़े तालाबों के अधिकतम भराव तल तक के सबमर्जेन्स को सुरक्षित व यथावत रखा जाए।

ये विचार डॉ. मोहनसिंह मेहता मेमोरियल, झील संरक्षण समिति एवं चांदपोल नागरिक समिति द्वारा आयोजित पिछोला तालाब पर रविवारीय श्रमदान पश्चात हुए संवाद में व्यक्त किए गए। झील संरक्षण समिति के सहसचिव एवं वेटलैंड टास्क फ़ोर्स के सदस्य रहे अनिल मेहता ने कहा कि बारह वर्ष पूर्व झील संरक्षण  समिति ने उदयपुर की झीलों को वेटलैंड सिद्धांतों के तहत संरक्षित करने की राय दी थी। इस पर प्रशासन ने वेटलैंड टास्क फ़ोर्स का गठन भी किया लेकिन टास्कफोर्स में कुछ ऐसे सदस्य थे जो वेटलैंड सिद्धांतों का विरोध रखनेवाले थे।  ऐसे सदस्यों ने एक मुहिम के तहत वेटलैंड विचार का विरोध किया। यह एक षड्यंत्र था ताकि झीलों के सबमर्जेन्स की भूमि को भू माफियाओ के हवाले किया जा सके।
चांदपोल नागरिक समिति के तेजशंकर पालीवाल ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के वेटलैंड संरक्षण निर्णय का स्वागत किया जाना चाहिए लेकिन यह अफ़सोस का विषय है कि उदयसागर को वेटलैंड सिद्धांतो व कानूनो के तहत सुरक्षित करने के निर्णय के साथ ही उसके एमडब्ल्यूएल को घटाने की कोशिशे भी प्रारम्भ हो गयी है। उदयसागर के ओवरफ्लो को चौडा़ कर पानी निकासी करने के पीछे उस टापू को बहार करना है जिस पर होटल का निर्माण हो रहा है। मोहनसिंह मेहता मेमोरियल ट्रस्ट के सचिव नन्द किशोर शर्मा ने कहा कि उदयपुर की झीले न्यायालय के निर्देशों से एमडब्ल्यूएल पर नोटिफाइड है लेकिन भूमाफियाओ के लालच व दबाव में न्यायालय की सीधी अवमानना हो रही है। एक तरफ जल भराव बढ़ाने  के मकसद से नर्बदा बाँध की ऊंचाई बढ़ाने का निर्णय केंद्र सरकार ले रही है वहीं उदयसागर सहित राजस्थान की झीलों के जलभराव को छोटा करने के प्रयासों पर राज्य सरकार को विराम लगाना चाहिए।
संवाद से पूर्व पिछोला के अमरकुंड क्षेत्र में रविवारीय श्रमदान के अंतर्गत झील से शराब की बोतलें, खाद्य अखाद्य वस्तुएं, पोलिथिन, फटे पुराने-कपडे़, जलीय घास, पूजन हवन हवन सामग्री निकाली गई। श्रमदान में कुलदीपक पालीवाल, तेजशंकर पालीवाल, इंदुशेखर व्यास, नितिन सोनीएअनिल मेहताएमोहन सिंह चौहान, रामलाल गहलोत, नन्दकिशोर शर्मा, प्रताप सिंह राठौड़, स्वामी सागरानन्द, कैलाश कुमावत, दुर्गा शंकर पुरोहित, भंवरलाल शर्मा, पुरुषोत्तम पालीवाल सहित कई नागरिकों ने भाग लिया।

Print Friendly, PDF & Email
admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *