प्रति माह घुटना प्रत्यारोपण सहित 10 सर्जरी निशुल्क

BY — June 30, 2014

सैफी बुरहानी हॉस्पिटल व लेकसिटी लायंस चेरिटेबल

300607उदयपुर। शिक्षा भवन चौराहा स्थित सैफी बुरहानी हॉस्पीटल व लेकसिटी लायन्स चेरिटेबल के तत्वावधान में सैफी बुरहानी हॉस्पीटल में अगले एक वर्ष तक जनता के लिए डॅा. सैय्यदना बुरहानुद्दीन की स्मृति में जनहित में अनेक निशुल्क चिकित्सकीय सेवाएं दी जाएगी जिसमें हड्डियों से जुड़े विभिन्न रोगों की प्रतिमाह 10 निशुल्क सर्जरी की जाएगी।

हॉस्पिटल के प्रशासक फखरूद्दीन चक्कीवाला ने आज यहंा आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि सैय्यदना सहब की स्मृति में चिकित्सा क्षेत्र के विभिन्न क्षेत्रों में इस हॉस्पीटल में प्रति माह नि:शुल्क एंव रियायती शुल्क पर ईलाज, जांच एवं सर्जरी की सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएगी।
हास्पिटल के वरिष्ठ एंव अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त आर्थोपेडिक सर्जन डॅा. सोलह मोहम्मद कागजी ने बताया कि अस्थि रोग संबंधी सर्जरी पोलियो,डिस्क प्रोलेप्स,घुटना प्रत्यारोपण की 10 सर्जरी नि:श्ुाल्क की जाएगी। लेकसिटी लायन्स चेरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमेन राजीव मेहता ने बताया कि सर्जरी का खर्च लेकसिटी लायन्स चेरिटेबल ट्रस्ट एवं सैफी हेल्थकेयर ट्रस्ट द्वारा वहन किया जाएगा।  इसके हॉस्पीटल में अलावा प्रतिदिन शहर के प्रसिद्ध फिजियोथैरेपिस्ट डॅा.आर.के.जैन की देखरेख में नि:शुल्क फिजियोथैरेपी करवायी जाएगी।
डॅा. कागजी ने बताया कि पूरे वर्ष प्रतिदिन 10 सोनोग्राफी मात्र 200 रूपयें में की जाएगी। साथ ही विभिन्न स्थानों पर डायबिटीज, मोटापा नियन्त्रण, एवं उसका ईलाज मिनोपोज, ब्रेस्ट एवं सर्वाईकल केन्सर,थायराईड,ह्दय रोग,रक्तदान शिविर आयोजित कर रोगियों को राहत प्रदान की जाएगी। चक्कीवाला ने बताया कि शहर का यह एक मात्र ऐसा हॉस्पीटल है जहंा फे्रक्चर एवं ओर्थोपेडिक के सभी ऑपरेशन न्यूनतम पैकेज में अन्र्तराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त अहमदाबाद में प्रशिक्षित अस्थिरोग विशेषज्ञ डॅा. सालेह मोहम्मद कागजी द्वारा सूक्ष्म चीरे की विधि एवं ओथेस्कोपी दूरबीन द्वारा किये जाते है। ऑपेरशन के पश्चात वरिष्ठ फिजियोथेेरेपिस्ट डॅा. आर.के.जैन द्वारा व्यायाम एवं रिहेबिलिटेशन कसरत नि:शुल्क करवायी जाती है। यहंा पर एक्सरे, सोनोग्राफी एवं अन्य प्रकार की जांचे रियायत दरों पर की जाती है।
पूरे जुलाई में ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, आदि जांच नि:शुल्क की जाएगी। जिसके लिए स्त्री एवं प्रसूती रोग विशेषज्ञ डॅा. लीला मेहता एंव डॅा. ज्योति चौधरी, वरिष्ठ फिजिशियन गुलाब सिब्तेन, डॅा. ईनायत हातिमी एंव अन्य चिकित्सक अपनी नियमित सेवायें देते रहेंगे।
डॅा. ज्योति चौधरी ने बताया कि जुलाई माह के प्रथम सप्ताह में मिनोपोज संबंधी समस्या पर हॉस्पिटल में एक साप्ताहिक शिविर आयोजित किया जाएगा। लगभग 60 प्रतिशत महिलाओं को मीनोपौज़ की कोई न कोई परेशानी होती है। 20 प्रतिशत महिलाओं को गंभीर बीमारियाँ हो जाती हैं। लगभग 20 प्रतिशत महिलाएं अच्छी तरह सजग संघर्षशील स्वरूप और खुश तथा उपयोग रह कर शेष जीवन को आनन्दमयी बनाये रखती हैं। ज्यादतर ये वो महिलाऐं होती है जो आत्म सम्मान से जीना जानती हैं।
उन्होनें बताया कि सर्वे में बताया गया है कि सन् 2020 तक भारत में प्रौढ़ महिलाओं की संख्या 36 मिलियन से बढक़र 63 मिलियन हो जाएगी। ऐसे में वृद्धा स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियां बढ़ेगी। वर्तमान जीवन शैली में जीने में आये बदलावों के कारण शारीरिक, मानसिक और भावात्मक बदलावों और परेशानियों को झेलना पड़ता है। हड्डियों की कमजोर, जोड़ों के दर्द, हृदय, स्नायुतंत्र और दिमाग, मूत्र, किडनी और गर्भाशय के रोग, शुगर और मोटापे की बीमारियाँ आदि आदि के साथ डिप्रेशन अकेलापन आदि घेरते हैं।

Print Friendly, PDF & Email
admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *