उदयपुर बंद को कई संगठनों ने दिया समर्थन

BY — August 21, 2014

दो नोटेरी अधिवक्तांओं को सदस्येता निलम्बन का नोटिस

210807उदयपुर। उदयपुर में राजस्थान उच्च न्यायालय की खण्डपीठ स्थापित करने को लेकर बार एसोसिएशन एवं मेवाड़ वागड़ हाईकोर्ट बैंच संघर्ष समिति के तत्वावधान में 25 अगस्त को आहूत उदयपुर बंद को काफी समर्थन मिला है। विभिन्न संगठनों ने वाजिब मांग को लेकर बंद को समर्थन दिया है। उधर बहिष्का्र के दौरान भी नोटेरी कार्य करने के कारण दो नोटेरी अधिवक्तानओं को बार की सदस्य्ता से निलम्बभन का नोटिस दिया गया है।

इससे पूर्व आज भी अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों का बहिष्कार किया। स्टाम्प वेण्डर्स, टाईपिस्ट, फोटो स्टेट व्यवसायी, नोटेरी अधिवक्ताओं ने अपना कारोबार बंद रखा। अधिवक्ताओं ने न्यायालय परिसर के मुख्य द्वार पर धरना दिया तथा इसके बाद बार एसोसिएशन, उदयपुर के सभागार में साधारण सभा की बैठक बुलाई गई, जिसमें दिनांक 25 अगस्त को उदयपुर बन्द एवं केबिनेट मीटिंग को विरोध प्रदर्शन के प्रस्ताव को साधारण सभा में रखा गया जिसे सभा ने सर्वसममति से पारित कर दिया। सभा के दौरान विभिन्न संगठनों ने बंद के समर्थन में सहमति पत्र मिले, जबकि कुछ संगठनों के प्रतिनिधियों ने स्वयं उपस्थित होकर समर्थन की घोषणा की। इसी क्रम में छात्र संघर्ष समिति के द्वारा इस मांग को आम जनता व आदिवासियों के हक की लड़ाई बताते हुए इस बंद को पूर्ण समर्थन की घोषणा की जबकि अन्य संगठनों में रोड़वेज यूनियन, मार्बल एसोसिएशन, विद्यापीठ कर्मचारी संघ, चेतक सर्कल व्यापार मंडल, ननदवाना समाज संघ आदि संगठनों की ओर से भी बंद को पूर्ण समर्थन की घोषणा की गई।
साधारण सभा की बैठक में छात्र संघर्ष समिति के संयोजक सूर्य प्रकाश सुहालका व सुविवि के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष दिलीप जोशी, राजस्थान विद्यापीठ कर्मचारी संघ के अध्यक्ष प्रकाश धाकड़, नंदवाना मेवाड़ विकास संस्था के आशीष नंदवाना, सुभाष बोहरा व खुदरा व्यापार संघ के संतलाल अग्रवाल ने उक्त बंद को सफल बनाने की अपील की। हाईकोर्ट बैंच संघर्ष समिति की ओर से गठित अनुशासनात्मक कमेटी द्वारा आंदोलन के अनुशासन के मुतल्लिक शिकायतें प्राप्त हुई जिस पर बार कार्यकारिणी की बैठक में सर्वसम्मति से नोटेरी अधिवक्ता नवनीत लाल वर्मा व त्रिलोक दशोत्तर को उनकी सदस्यता निलम्बित करने के नोटिस जारी किए गए। बैठक में अध्यक्ष भरत कुमार जोशी, महामंत्री गगन कुमार सनाढ्य उपाध्यक्ष अनिल पालीवाल, सचिव कुलदीप चौबीसा, वित सचिव देवी लाल जाट, पुस्तकालय सचिव महेन्द्र सिंह राजपूत, सहवृत सचिव इकबाल खान आदि मौजूद थे।
आंदोलन के दौरान आम जनता के नोटेरी से संबंधित कार्यों को सम्पन्न करवाने के उद्वेश्य से बार एसोसिएशन के द्वारा नोटेरी अधिवक्ता विजय कुमार शर्मा को नियुक्त किया गया है ताकि आम नागरिक, विद्यार्थिंयों के नोटेरी से संबंधित कार्य सुचारू रूप से सम्पादित हो सके। बार उपाध्यक्ष अनिल पालीवाल ने बताया कि उदयपुर बिल्डर्स एसोसिएशन, उदयपुर मार्बल एसोसिएशन, एनएसयूआई के हिमांशु चौधरी ने बंद को सफल बनाने में समर्थन दिया।
मार्क्सनवादी कम्युनिस्ट पार्टी की उदयपुर कमेटी सचिव बीएल सिंघवी ने बंद को पूरा समर्थन देने एवं कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर उदयपुर को शांतिपूर्ण बंद करवाने की अपील की। सिंघवी ने कहा कि हाई कोर्ट बैंच की मांग केवल वकीलों की मांग नहीं है, यह पूरे दक्षिणी राजस्थान के निवासियों की वाजिब मांग है, जिसे कांग्रेस व भाजपा की सरकारें सत्ता में होने पर लगातार टालती रही है और विपक्ष में होने पर उदयपुर की जनता को गुमराह करने के लिए अपने चुनावी मेनिफेस्टो तक में इस मांग का समर्थन करने की बात करते हैं। इससे ही इन दोनों दलों के नेताओं का चरित्र स्पष्ट हो जाता है।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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