गांवों को भी मिले नेटवर्किंग का लाभ : वुड्स

BY — November 16, 2014

वि़द्यापीठ में कंप्यूटेशनल, इंटेलिजेंस व कम्युनिकेशन नेटवर्क पर अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस का समापन

161103उदयपुर। भारत में कम्युनिकेशन नेटवर्किंग में आने वाले समय काफी कुछ करना शेष है। इस सेक्टर में रिसर्च केन्द्रों की कमी महसूस की जा रही है। जरूरी है कि इसके लिए इस सेक्टर में अधिक से अधिक रिसर्च हो तथा प्रारभिक शिक्षा से ही बच्चों में इसके प्रति जागरूकता पैदा की जाये।

यह जानकारी यूनिवर्सिटी ऑफ केनबरा से आये प्रो. मुरे वुड्स ने दी। अवसर था जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय में कम्प्युटर एवं आईटी एवं मीर लेब एवं आईईईई के तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन समारोह का।
उन्होंधने कहा कि अमेरिका चाइना, आस्ट्रेसलिया एवं अन्य पश्चिम देश में तो अच्छी स्थिति है लेकिन भारतीय परिदृश्य में यह एक बडी़ चुनौती के रूप में उभर कर सामने आ रही है। उन्होंने सभी आईटी विशेषज्ञों से आव्हान किया कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में भी रिसर्च बेस कन्सेप्ट तैयार कर वहां विकसित की जाने वाली नवीन तकनीकों को खोजे। उन्होने बताया कि वर्तमान में ग्रामीण तथा आदिवासी परिवेश आज भी आईटी की नई नई विधाओं से अनजान है। संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए सौराष्ट्र विश्वविद्यालय गुजरात के वाइस चांसलर प्रो. प्रताप सिंह चौहान ने कहा कि उच्च शिक्षा में हो रहे आईटी रिसर्च कम प्रभावी है शोधार्थी ग्लोबल मार्केट आधार पर रिसर्च को मजबुती दे। इसमें नेटवर्किंट, कम्युनिकेशन एवं टेक्नोलॉजी, वेब वर्ड, नेनो टेक्नोलॉजी आदि का समावेश हो।
मुख्य अतिथि जोधपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. लोकेश शेखावत ने कहा कि मोबाइल पर बात करते हुए सामने वाले व्यक्ति का विडियो देख पाना, उनसे करना, इंटरनेट से वाट्स अप, फेसबुक का उपयोग करना यह युग नेटवर्किंग युग है, जो आईटी की ही देन है। विशिष्टक अतिथि मीर लेब के प्रो. जी.एस. तोमर, प्रो. एनएन जॉनी, विश्वविद्यालय अनुदान आयेाग की सदस्य डॉ. विजयश्री तिवारी, प्रो. अकलु तक्षी, डॉ मनीष श्रीमाली, डॉ. गौरव गर्ग, डॉ. भारतसिंह देवड़ा, डॉ. प्रदीपसिंह शक्तावत, चन्द्रेश छतलानी ने भी विचार व्यक्त किए। आयोजन सचिव डॉ. मनीष श्रीमाली ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सेमीमार कुल 740 शोध पत्र प्राप्त हुए जिनमें 240 का वाचन किया गया।
इन्हे मिला पुरस्कार : कुलपति प्रो. एसएस सारंगदेवोत ने बताया कि संगोष्ठी में गाजियाबाद के प्रो. मुनेश त्रिवेदी को विज्ञान रत्न सम्मानित किया गया। बेस्ट फेकल्टी पुरस्कार का सम्मान अशरफ समराह को दिया गया तथा बेस्ट पेपर स्टुडेंट का अवार्ड कविता गोस्वामी को दिया गया।

Print Friendly, PDF & Email
admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *