मानवाधिकार नैसर्गिक, अंतरनिहित व आधारभूत : सारंगदेवोत

BY — December 10, 2014

विश्व मानवाधिकार दिवस पर कार्यक्रम

101203उदयपुर। मानवाधिकार नैसर्गिक, अंतर्निहित एवं आधारभूत अधिकार हैं जिनका मूल सर्व भवन्तु सुखिन: है। ये विचार जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रो. शिवसिंह सारंगदेवोत ने लोकमान्य तिलक शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय,डबोक में आयोजित विश्व मानवाधिकार दिवस समारोह में व्यक्त किए।

भावी शिक्षकों को मानवाधिकार संरक्षण एवं संवर्धन की शपथ दिलााते हुए प्रो. शिवसिंह सारंगदेवोत ने अधिकारों के महत्व पर बल दिया। पंचायतन यूनिट डबोक के अधिष्ठाता अरूण पानेरी ने मानवाधिकार के मूल में दोनों विश्वयुद्धों की विभीषिका को घोषित करते हुए स्व अधिकार के साथ ही अन्य के अधिकारों का सम्मान करने की प्रेरणा दी। कुल प्रमुख भंवर लाल गुर्जर ने अधिकारों को कर्तव्य से जोड़ते हुए सच्चे नागरिक के निर्माण में शिक्षक की भूमिका पर प्रकाश डाला। प्राचार्य डॉ. शशि चित्तौड़ा ने स्वागत उद्बोधन में मानवाधिकार दिवस पर कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। प्रशिक्षणार्थी निमिता वर्मा, नीमा चारण, प्रवीण कुमार एवं गजेन्द्र बलाई ने सशक्त भारत एवं विश्व के निर्माण में भावी पीढ़ी के योगदान को अधिरेखांकित करते हुए मानवधिकारों के संरक्षण एवं आचरण पर प्रस्तुति दी। रैली को वाइस चांसलर प्रो. सारंगदेवोत ने हरी झंडी दिखाई। संचालन पार्वती कुमावत ने किया। धन्यवाद डॉ. शाहिद कुरैशी ने दिया।

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