बीटेक छात्रा दिव्या चली वैराग्य पथ पर

BY — January 4, 2015

किताबी ज्ञान के बाद 24 को लेगी दीक्षा

040104उदयपुर। मानव निर्मित मशीनों की तकनीक समझने वाला ज्ञान प्राप्त करने के बाद अब कर्म सिद्धान्त की तकनीक समझ कर भवसागर पार करने के लिये वल्लभनगर निवासी दिव्या पोखरना 24 जनवरी को बसंत पंचमी पर दीक्षा लेगी।

लेपटॉप पर कार्य करते-करते बी-टेक इंजीनियरिंग करने वाली दिव्या का जन्म सितंबर 1993 में हुआ। दिव्या की दीक्षा कस्बे के दशहरा चौक में होगी। राज बुक स्टोर नामक प्रतिष्ठामन के संचालक राजकुमार पोखरना की तीन बेटियों व एक बेटे में सबसे बड़ी दिव्या पांच वर्ष वैराग्य अवस्था में रही।
इस दौरान ज्ञानगच्छाधिपति प्रकाश मुनि व पाली में विराजित साध्वी भंवर कंवर के सानिध्य में रहकर दशवैकालिक, उत्तराध्ययन, नंदी, आचारांग सूत्र व थोक संग्रह के चार भाग, नवतत्व को कंठस्थ किया। दिव्यात ने धार्मिक कक्षा 12 जैन सिद्धान्त प्रभाकर भी उत्तीर्ण कर ली। बाल ब्रह्मचारिणी दिव्या की माता विद्यादेवी पोखरना मेवाड़ महिला मण्डल की अध्यक्षा हैं। पूर्व में वे मंत्री रह चुकी हैं। पांच वर्ष से स्नान त्यागी मुमुक्षु दिव्या के छोटे परदादा स्व. रतन मुनि, छोटे परदादी सुबोधकंवर, छोटे दादा बसंत मुनि, छोटे दादा लक्ष्मी मुनि, पापा की बुआ शशिप्रभा, हेमप्रभा, बुआ अंकिता, बुआ महिमा ज्ञानगच्छ में दीक्षित हैं।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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