गांवों में किडनी रोग के प्रति जागरूकता बढ़ी

BY — January 18, 2015

कम से कम रोजाना 2 लीटर पानी पीएं

180102उदयपुर। गुर्दा रोग विशेषज्ञ डॉ. बकुल गुप्ता ने बताया कि जहां पूर्व में रोगी गुर्दा रोग के प्रति अनभिज्ञ रहते थे वहीं अब उनमें जागरूकता आने लगी है। लैब टेस्ट हो जाने से रोग की गंभीरता का पता तत्काल लग जाने पर रोगी अपनी जान बचा सकता है।

वे आज वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति उमंग द्वारा योग सेवा समिति परिसर में आयोजित वार्ता में मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि गांवों से पहले की तुलना में अधिक गुर्दा रोगी आने लगे है जिसका सीधा कारण यह है कि उनमें अब जागरूकता आने लगी है। पहले की तुलना में अब गुर्दा रोग का ईलाज और अधिक आसान हुआ है।लैब टेस्ट होने से रोग की स्थिति का पता शीघ्र लग जाता है। किडनी रोगियों की संख्या वर्ष दर वर्ष बढ़ोतरी हो रही है जिसके पीछे मुख्य करण जीवन चर्या एवं खानपान में बदलाव होना है। साथ ही मोटापा एवं जनसंख्या में वृद्धि भी इसके पीछे एक मुख्य कारण है।
डॉ. गुप्ता ने बताया कि मधुमेह, उच्च रक्तचाप, नियति रूप से ली जाने वाली पेनकिलर दवाओं के कारण भी गुर्दे खराब हो जाते है। इनसे बचना चाहिये।     गुर्दा रोग हो जाने पर डायलिसिस से डरें नहीं, इसे एक सामान्य उपचार के रूप में लेना चाहिये। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन कम से कम 2 लीटर पानी पीना चाहिये। समिति के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. सुन्दरलाल दक ने कहा कि किडनी रोग से बचने के लिए नियमित रूप से योगाभ्यास करना चाहिये। उन्होंने इस अवसर पर इस रोग से बचने के उपाय बताएं।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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