Header Banner

आत्मदृष्टा थे पुष्कर मुनि : गणेश मुनि

BY — April 6, 2015

स्मृति दिवस पर गुणानुवाद सभा

060403उदयपुर। पूज्य गुरुदेव पुष्कर मुनि का 22 वें स्मृति दिवस पर शास्त्री सर्किल स्थित तारक गुरु जैन ग्रंथालय में राष्ट्रसंत गणेश मुनि शास्त्री के सान्निध्य में गुणानुवाद सभा हुई।

अखिल भारतवर्षीय श्री गुरु पुष्कर संगठन समिति के अध्यक्ष संजय भंडारी के अनुसार गणेश मुनि ने कहा कि गुरुदेव ने श्रीसंघ को बहुत कुछ दिया है। श्रमण संघ की एकता के लिए उन्होंने अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया। वे आत्मदृष्टा थे। उन्हें अपनी मृत्यु का पूर्वाभास हो चुका था। इसलिए उन्होंने करीब 16 वर्ष पूर्व ही अपने देवलोक गमन की तिथि और समय लिख दिया था।
060404सभा में उपप्रवर्तक जिनेन्द्र मुनि, साध्वी हर्षप्रभा, साध्वी राजश्री, जैन कान्फ्रेंस के अध्यक्ष वीरेन्द्र डांगी, राष्ट्रीय मंत्री निर्मल पोखरना, भंवर सेठ, गणेशलाल मेहता, संजय भंडारी, पूर्व महापौर रजनी डांगी, पूर्व जिला प्रमुख मधु मेहता आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
इस वर्ष का गुरु पुष्कर गौरव सम्मान-2015 सूरत प्रवासी वास के मूल निवासी ललित ओरडिय़ा को प्रदान किया गया। इस अवसर पर पाण्डाल में मौजूद सैकड़ों श्रावक-श्राविकाओं ने इसकी अनुमोदना की। गुरु पुष्कर वरिष्ठजन सम्मान समारोह में शांतिलाल सेठ, जीतमल चपलोत, पारसमल करणपुरिया को सम्मानित किया गया। साथ ही पुष्कर षिक्षा सम्मान में दिषा भंडारी, नितेष चोरडिय़ा, दीपिका चौधरी, मृदुल जैन को सम्मानित किया गया।
060405कार्यक्रम में प्रतापसिंह पोरवाल, दयालाल हिंगड़, कन्हैयालाल मेहता, शंकरलाल डांगी, हिम्मत बड़ाला, मानसिंह रांका, गणेषलाल गोखरू आदि मौजूद रहे। आरंभ में मंगलाचरण लता भंडारी, निर्मला ओरडिय़ा व भारती करणपुरिया ने किया। स्वागत उद्बोधन समिति अध्यक्ष संजय भंडारी ने दिया। संचालन श्याम झगड़ावत ने किया। आभार प्रवीण पोरवाल ने जताया।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

Leave a Reply