‘अब नहीं ब्याहेंगे कम उम्र की बच्चियों को’

BY — April 17, 2015

संस्कृति, संयुक्त परिवार भी हमारी विरासत – प्रो सारंगदेवोत

170409उदयपुर। जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय के संघटक जनशिक्षण एवं विस्तार कार्यक्रम निदेशालय के  अन्तर्गत संचालित श्रेय जन भारतीय केन्द्र साकरोदा में शुक्रवार को विश्व विरासत दिवस के तहत आयोजित धरोहर संरक्षण, महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम के तहत बिछडी, भल्लों का गुडा, साकरोदा, करगेट सहित आस पास के क्षेत्र की 105 से अधिक ग्रामीण महिलाओं ने बाल विवाह न कराने की शपथ ली।

170410अन्य सामाजिक कुरूतिया, पर्दा प्रथा, दहेज प्रथा, बाल विवाह को नहीं कराने का संकल्प लिया तथा पर्यावरण संरक्षण, तथा सामाजिक धरोहर को बचाने की शपथ ली। ये महिलाए अपने  आस पास के ग्रामीण इलाकों में रह रही परिवार जन को भी इस हेतु प्रेरित करेंगी। समारोह के मुख्य अतिथि प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत ने कहा कि विरासत या धरोहर का मतलब सिर्फ पुराने हो चुके खण्डहर , किले  आदि से ही नहीं है बल्कि हमारी भाषा, साहित्य कला , लोक गीत,, वन व संयुक्त परिवार भी हमारी विरासत है। अध्यक्षता निदेशक डॉ. मंजू मांडोत ने की, अतिविशिष्ठ अतिथि प्रो. जी..एम. मेहता, विशिष्ठ अतिथि डॉ. धमेन्द्र राजोरा, कौशल नागदा ने की। समारोह का संचालन केन्द्र प्रभारी राकेश दाधीच तथा धन्यवाद देवीलाल गर्ग ने दिया। इस अवसर पर डॉ. दिलिप सिंह चौहान, भवानीपाल सिंह सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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