हिन्दुस्तान जिंक : रिकॉर्ड खनि धातु उत्पादन

BY — April 20, 2015

125 प्रतिशत लाभांश की घोषणा
चौथी तिमाही एवं वार्षिक वित्तीय परिणामों की घोषणा

200409मुंबई। हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड ने 31 मार्च, 2015 को समाप्त वित्तीय वर्ष तथा इसी वर्ष की चौथी तिमाही के परिणामों की घोषणा की। प्रमुख उपलब्धियों में वर्ष के दौरान 887,000 टन रिकॉर्ड खनित धातु उत्पादन तथा 125 प्रतिशत लाभांश की सिफारिश की गई जो वित्तीय वर्ष में कुल 220 प्रतिशत है।

‘हिन्दुस्तान जिंक के चेयरमैन अग्निवेश अग्रवाल ने बताया कि हम स्वर्ण जयन्ती वर्ष के दौरान, कंपनी के बेहतर निष्पादन के लिए प्रतिबद्ध हैं। आने वाले वर्षों में जिंक की कीमतें बढ़ने की संभावना है जो खनित उत्पादन के साथ अनुकूल जस्ता बाजार की गतिशीलता को बनाये रखेगा। वर्ष के दौरान नया एमएमडीआर अधिनियम 2015 लागू हुआ जिससे खनित धातुओं के वितरण में पारदर्शिता आएगी।’’
कंपनी का वित्तीय वर्ष 2015 में रिकार्ड खनित धातु उत्पादन 887,000 टन रहा जो वर्ष के दौरान उत्कृष्ट निष्पादन कंपनी की खदान परियोजनाओं के सफलतापूर्वक संचालन से हुआ है। कंपनी का वित्तीय वर्ष 2015 की चौथी तिमाही के दौरान खनित धातु का उत्पादन 269,000 टन रहा जो पिछली तिमाही में 242,000 टन था।
वर्ष 2014-15 के दौरान एकीकृत जस्ता, सीसा तथा चांदी का उत्पादन क्रमश: 3, 5 तथा 11 प्रतिशत कम रहा है। पहली छमाही के दौरान खनित धातु के उत्पादन तथा सिन्देसर खुर्द खदान में सिल्वर की मात्रा में कमी के परिणास्वरूप उत्पादन कम हुआ है। कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2014-15 के दौरान 14,589 करोड़ रु. का राजस्व अर्जित किया जो गत वर्ष की इसी समान अवधि की तुलना में 8 प्रतिशत अधिक है परन्तु चौथी तिमाही में गतवर्ष की तुलना में राजस्व 13 अधिक रहा है (4073 करोड़ रुपये)।
कंपनी ने वित्तीय वर्ष में (विभिन्न करों से पहले) 7,420 करोड़ रु. का लाभ अर्जित किया है जो गतवर्ष की इसी समान अवधि की तुलना में 7 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। परन्तु चौथी तिमाही में उत्पादन लागत में कमी होन के परिणामरूप (विभिन्न करों से पहले) 1,978 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया है जो गतवर्ष की तुलना में 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2015 की चौथी तिमाही के दौरान 1,997 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। कंपनी ने वर्ष 2015 के दौरान 8,178 करोड़ रु. का शुद्ध लाभ अर्जित किया है जो गत वर्ष की तुलना में 18 प्रतिशत अधिक है।
कम्पनी के निदेशक मण्डल ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए 125 प्रतिशत लाभांश घोषित किया है जो 2 रूपये के प्रति इक्विटी शेयर पर 2.50 पैसे होगा। इस प्रकार वित्तीय वर्ष 2015 में कुल लाभांश 220 प्रतिशत हो गया है जो 4.40 पैसे प्रति शेयर है तथा कंपनी के इतिहास में अब तक का सर्वाधिक लाभांश है।
कंपनी की सिन्देसर खुर्द का शाफ्ट सिंकिंग परियोजना का कार्य मेन शाफ्ट सिंकिंग के साथ लगभग पूर्ण हो गया है। विस्तारपरक आधारभूत परियोजनाओं का कार्य प्रगति पर है तथा उत्पादन निर्धारित समय 2018 के मध्य में प्रारंभ हो जाएगा। कंपनी की रामपुरा-आगुचा भूमिगत खदान में शाफ्ट परियोजना से 650 मीटर गहराई से 950  मीटर गहराई तक पहुंचाने की योजना पर कार्य शुरू कर दिया है तथा कंपनी की ऑपन कास्ट भूमिगत खदान के विस्तार के साथ समग्र उत्पादन योजना सुचारू रूप से चल रही है।
कंपनी के लगातार चल रहे समन्वेषण कार्यकलापों के फलस्वरूप अयस्क भण्डारों एवं संसाधनों में वृद्धि हुई है। 31 मार्च, 2015 को कुल संसाधन एवं आरक्षित अयस्क भण्डार 375.1 मिलियन टन है, जिसमें 35.3 मिलियन टन जस्ता-सीसा धातु एवं 970 मिलियन ओन्स चांदी विद्यमान है। खदानों की आयु 25 वर्ष है तथा खदानों में लगातार उत्पादन जारी है।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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