‘सखी’ व ‘खुशी’ को सराहा निवेशकों ने

BY — June 15, 2015

हिन्दुस्तान जिंक की 49वीं वार्षिक आमसभा

150601उदयपुर। वेदान्ता समूह की जस्ता-सीसा एवं चांदी उत्पादक कंपनी हिन्दुस्तान जिंक के प्रधान कार्यालय के सभागार में कंपनी की 49वीं वार्षिक बैठक हुई। बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य कार्यकारी अधिकारी अखिलेश जोशी ने कहा कि कम्पनी ने अब तक का सर्वाधिक खनित धातु उत्पादन तथा रिकार्ड प्रचालन निष्पादन करने के क्षेत्र में तथा सर्वाधिक शुद्ध लाभ अर्जित करने का कीर्तिमान स्थापित किया है।

वर्ष के दौरान अधिकतम अयस्क उत्पादन के फलस्वरूप खनित धातु उत्पादन 887 किलो टन हुआ। खान आयोजना के समनुरूप वर्ष के अन्तिम दौर में खान उत्पादन में वृद्धि रही जिसके परिणाम स्वरूप खनित धातु भण्डार बढ़ा तथा पूरे वर्ष के दौरान समग्र रूप से कम धातु उत्पादन हो पाया।  कम्पनी का वित्तीय निष्पादन पूर्ण सुदृढ़ रहा। तदनुरूप ही वित्तीय वर्ष 2014 की तुलना में 13.3 प्रतिशत अधिक यानि 17,609 करोड़ रूपए का कुल राजस्व (मय अन्य आय के) अर्जित किया गया। यह परिलक्षित बढ़ोतरी मूलतः जस्ता धातु की एलएमई बढ़ी हुई कीमतें तथा प्रीमियम तथा खजाने से आय के कारण हुई जो चांदी की कम कीमतों तथा जस्ता व चांदी की कम बिक्री के कारण आंशिक रूप से प्रभावित हुई। कम्पनी ने वित्तीय वर्ष 2015 में मूल्य व्हािस, ब्याज एवं कराधान (पीबीडीआईटी) से पूर्व 10,238 करोड़ रूपये का लाभ अर्जित किया जो गत वर्ष से 16.4 प्रतिशत अधिक है। शुद्ध लाभ गत वर्ष की तुलना में 8,178 करोड़ रूपये हुआ जो गतवर्ष की तुलना में 18.4 प्रतिशत अधिक है।
जोशी ने शेयरधारकों को बताया कि कम्पनी के निदेशक मण्डल ने वर्ष के दौरान रामपुरा-आगूचा विवृत्त खदान को और 50 मीटर तक गहरा करने की अनुमति दे दी जिससे खान का जीवन वर्ष 2020 तक बढ़ जाएगा तथा इस खनन परिसर में विवृत्त खनन से हटकर भूमिगत खनन प्रचालन अपनाने में सहायता मिल जाएगी। सिन्देसर खुर्द खदान में शाफ्ट तैयार करने व इसे गहरा करने की परियोजना अपनी निर्धारित अवधि से पहले ही कार्य पूर्णता की ओर अग्रसर है जबकि रामपुरा-अगूचा खदान मे भूमिगत शाफ्ट परियोजना की प्रगति धीमी है। जैसा भी हो, विवृत्त खदान के सुनियोजित कार्यान्वयन के फलस्वरूप रामपुरा-अगूचा अयस्क भण्डार से समग्र उत्पादन पुनः पटरी पर लौट आएगा। कम्पनी को कायड़ खदान में 0.35 से 1.0 मिलियन टन की वार्षिक उत्पादन क्षमता बढ़ाने से संबंधित पर्यावरण मंजूरी प्राप्त हो गई है।
वर्ष के दौरान कुछ और उल्लेखनीय बातें हुई जिनका अतिविशिष्ट रणनीतिक प्रभाव कम्पनी पर होगा। मार्च 2015 में नया खान एवं खनिज संशोधन अधिनियम, 2015 (विकास एवं विनियम) अधिसूचित किया गया, जिससे नीलामी प्रक्रिया द्वारा खनिजीय रियायतों को स्वीकृत करने में पारदर्शिता के नये युग का प्रादुर्भाव हुआ है। जिससे वर्तमान खनन लीज मे सतत्ता आएगी। इस अधिनियम से राजस्थान में चार खनन पट्टों को मजबूती प्रदान हुई है। 34 में से 20 समन्वेषण पट्टों के आवेदन जो रीकनेसेन्स परमिट से प्राप्त हुए हैं, वरीय अधिकार के तहत उन पर कार्यवाही की जाएगी। जो भी हो हमारी आर.पी. आवेदत अब वैध नही है। इस अधिनियम में जिला स्तरीय खनिज फाउण्डेशन तथा राष्ट्रीय खनिज गवेषण पूर्त न्यास में सहयोगिता का प्रावधान है।
जोशी ने बताया कि पिछले वर्ष से कम्पनी के समन्वेषण प्रभाग ने अयस्क भण्डारों तथा आरक्षित एवं अधिशेष को लगातार सुदृढ़ बनाया है। वर्ष के दौरान 9.4 मिलियन टन के अवक्षय से पूर्व 19.4 मिलियन टन की आरक्षित एवं अधिशेष में वृद्धि की है। आज कंपनी के पास 375.1 मिलियन टन आरक्षित एवं अधिशेष अयस्क भण्डार हैं, जिनमें 35.3 मिलियन टन जस्ता-सीसा धातु एवं 970 मिलियन आउंस चाँदी विद्यमान है। खान का जीवन 25 वर्ष की अवधि तक है।
जोशी ने शेयरधारियों को अवगत कराया कि वर्ष के दौरान कम्पनी ने एक नई सीएसआर नीति अपनाई है जिसमें सामुदायिक विकास परियोजनाओं पर मूलभूत ध्यान देना, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका एवं पर्यावरण के क्षेत्रों में स्थानीय आवश्यकताओं पर प्राथमिकतापूर्वक ध्यान देना सम्मिलित है, जिससे दीर्घकालीन संपोषणीय लाभ प्राप्त किये जा सकें। कंपनी ने सरकारी विभागों के साथ समझौते के ज्ञापन पर तद्विषयक हस्ताक्षर किये हैं तथा विभिन्न स्वैच्छिक संगठनों तथा स्थानीय निकायों के साथ सम्पर्क साधा है एवं साझेदारी की है जिससे इन योजनाओं का खासा लाभ मिल सके। वर्ष के दौरान संचालित मुख्य परियोजनाएं निम्नलिखित रहीं :
’’स्वच्छ भारत अभियान’’के तहत उदयपुर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, राजसमन्द एवं अजमेर जिलों के 459 राजकीय विद्यालयों में 623 निवृत्ति गृहों का निर्माण। यह संस्था राजस्थान सरकार तथा स्वैच्छिक संगठन की सहभागिता में बनाए 11,000 आवासीय शौचालयों के अतिरिक्त है।
ग्रामीण एवं जनजाति वर्ग की महिलाओं के सशक्तिकरण के उद्धेश्य से ’सखी’ अभियान- प्रथम हिन्दुस्तान जिंक ’सखी 2014’ पुरस्कार जयपुर में आयोजित कार्यक्रम में प्रदान किये गये।
बायफ (बीएआईएफ) के संयुक्त तत्वावधान में सभी इकाईयों में कृषि एवं पशुपालन कार्यक्रम। महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय, उदयपुर में स्थित वेदान्ता हार्ट अस्पताल में केथलेब की स्थापना।
उदयपुर के महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय के आन्त्रशोध अस्पताल का उन्नयन एवं गुर्दा रोग विभाग (स्त्री रोग आई.सी.यू) में डायलिसिस इकाई की स्थापना।
जोशी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2016 में वैश्विक स्तर पर जस्ते की खपत में बढ़ोतरी प्रत्याशित है क्योंकि मूलभूत ढ़ाँचे का विकास-विस्तार जारी रहेगा तथा ओटोमोटिव उद्योग में बिक्री संवर्धन से आने वाले दिनों में मांग में 4 प्रतिशत से 5 प्रतिशत बढ़ोतरी की संभावनाएं हैं। इसके साथ ही दुनिया में जस्ता धातु की खदानों का बन्द किया जाना मध्यकाल में जस्ता धातु की कीमतों को भी प्रभावित करेगा। भारत में सरकार के ’’भारत में निर्माण करें’’ मूलभूत मंत्र तथा मूलभूत ढांचागत क्षेत्र के विकास के फलस्वरूप धातु बाजार को बल एवं गति प्रदान करेंगे।
निदेशक मण्डल ने वित्तीय वर्ष 2015 के लिये 125 प्रतिशत लाभांश की फाइनल सिफारिश की है, जो प्रत्येक 2 रुपए के इक्विटी शेयर पर 2.50 रूपयें है यानि कुल लाभांश अब 220 प्रतिशत यानि 4.40/-  रुपए प्रति शेयर हो जाएगा जो कम्पनी द्वारा प्रस्तावित अब तक का सर्वाधिक है।
बैठक में वार्षिक आम बैठक के अध्यक्ष जोशी के अतिरिक्त हिन्द जिंक के अमिताभ गुप्ता, मुख्य वित्तीय अधिकारी, कंपनी के निदेषक मण्डल में निदेशक एआर नारायण स्वामी, अरूण टोडरवाल, आर.कानन महामहिम राष्ट्रपति के प्रतिनिधि एके मलिक तथा कंपनी सचिव राजेन्द्र पण्डवाल उपस्थित थे।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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