सरगम के तराने पर झूमा श्रमजीवी

BY — September 4, 2015

देशभक्ति गीतो कविताओं एवं एकल गीत प्रतियोगिताएं

040902उदयपुर। कभी गूंजती मधुर स्वर लहरियां तो कभी देशभक्ति ओर रंगीलो राजस्थान तथा वीरों को नमन करती पक्तियां मेरा रंग दे बसन्ती चोला, ऐ वतन ऐ वतन, मुझको तेरी कसम, सभी का लक्ष्य एक है, सभी का भाव एक है, देखो देखो लीडर नेता हालत हिन्दुस्तान की, नन्हा मुन्ना राही हूं देश का सिपाही हूं, प्रताप भी यहां शिवाजी भी यहां, मीरा भी यहां, रानी लक्ष्मी यहां पर रह-रहकर राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय के संघटक श्रमजीवी महाविद्यालय में आयोजित के सरगम के तरानों पर छात्र-छात्राएं झूम उठे।

040901सांस्कृतिक प्रभारी डा. हेमेन्द्र चौधरी ने बताया कि समारोह के मुख्य अतिथि रजिस्ट्रार प्रो. सीपी अग्रवाल थे। अध्यक्षता पीजी डीन प्रो. प्रदीप पंजाबी ने की। समारोह में जज प्रो. सुमन पामेचा, प्रो. मलय पानेरी, प्रो. मुक्ता शर्मा थे। एकल गान कविता, समूह गान व एकल गीत, देशभक्ति प्रतियोगिता में प्रथम दिपांशु सुहालका, द्वितीय रमीला तथा तृतीय स्थान पर नारायण लाल रहे। देशभक्ति समूह प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर रेखा मीणा ओर समूह, द्वितीय स्थान पर नीलम टांक ओर समूह, तृतीय स्थान पर ज्योति देवड़ा और समूह रहे। संचालन डॉ. मेहजबीन सादड़ीवाला व डॉ. निर्मला पुरोहित ने किया। धन्यवाद डॉ. पंकज रावल ने दिया। सभी विभागों के विभागाध्यक्ष एवं छात्र-छात्राएं मौजूद थे।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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