Wed, September 23, 2026
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विवेकानन्द के विचारों को आत्मसात करें युवा : ब्रहमानन्द

BY — September 14, 2015

विद्यापीठ में सात दिवसीय पुस्तक प्रकाशन प्रमाण पत्र

140903उदयपुर। राजस्थान विद्यापीठ व राष्ट्रीय पुस्तक न्यास भारत के साझे में आयोजित सात दिवसीय पुस्तक प्रकाशन प्रमाण पत्र के छठे दिन मुख्य वक्ता के रूप में महाराज ब्रहमानन्द ने कहा कि जो शिक्षा मनुष्य को भरण पोषण का मार्ग बताती है वह अविधा है, तथा जो ईश्वरीय मार्ग की ओर ले जाती है वही सच्ची शिक्षा है।

सत्य, अहिंसा, विश्व बंधुत्व, आस्तेय, सहिष्णुता, संस्कारवादिता आदि सभी धर्मों में विद्यमान हैं उन्ही मुल्यों को विकसित करना स्वामी विवेकानन्द के गुरू आचार्य रामकृष्ण के शिक्षा का मूल उद्देश्य था क्योंकि भारतीय संस्कृति युवाओं को संरक्षित कराने का प्रयास कराती हैं।
प्रिन्टिंग प्रेस की महत्ता जानी : नेशनल बुक ट्रस्ट के नरेन्द्र कुमार ने बताया कि सोमवार को प्रतिभागियों को चौधरी ऑफसेट जाकर प्रिन्टिंग की विभिन्न तकनीकियों से अवगत कराया।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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