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फर्जी दस्तावेजों से सरपंच बनी महिला गिरफ्तार

BY — September 15, 2015

जिले में संभवतया पहली गिरफ्तारी

150910उदयपुर। जिले की सराड़ा थाना पुलिस ने दस्तावेजों में हेरफेर कर अपनी आयु अधिक बताकर सरपंच का चुनाव लड़ सरपंच बनने वाली महिला गिरफ्तार किया है। संभवतया जिले में यह इस तरह की पहली गिरफ्तारी है, जिसमें सरपंच को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार पंचायती राज चुनाव में सरपंच पद के लिए राज्य सरकार की ओर से आयु 21 वर्ष निर्धारित कर रखी थी और इससे कम को योग्य नहीं माना गया था। इस चुनाव में कातनवाड़ा ग्राम पंचायत के लिए तारा पत्नी लक्ष्मण मीणा निवासी माण्डवा और सीता पत्नी शांतिलाल मीणा माण्डवा  दोनों ने सरपंच पद का चुनाव लड़ा था और दोनों ने अपनी आयु 21 वर्ष बताते हुए दस्तावेज दिए थे। चुनाव के बाद तारा मीणा अधिक मतों से सरपंच बन गई थी। तारा मीणा की ओर से दिए गए दस्तावेजों में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय ओड़ा का एक प्रगति पत्र दिया था, जिसमें उसकी आयु 21 वर्ष से अधिक बता रखी थी। इस पर सूचना के अधिकार में दस्तावेज प्राप्त किए तो सामने आया कि चुनाव लडऩे के दौरान तारा की आयु 20 वर्ष 6 माह है। इस पर सरपंच प्रत्याशी सीता की ओर से धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर विद्यालय से दस्तावेज प्राप्त कर जांच की तो सामने आया कि तारा की आयु चुनाव लडऩे के दिन 21 वर्ष नहीं थी। तारा ने स्कूल से मिले प्रगति पत्र में अपने हाथ से अपनी आयु 21 वर्ष से अधिक कर दी थी। इस पर पुलिस ने कार्यवाही करते हुए महिला सरपंच को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जिले में इस तरह से यह संभवतया पहली गिरफ्तारी है, जिसमें फर्जी दस्तावेजों से सरपंच बनने में एक महिला को गिरफ्तार किया है। शेष मामलों में पुलिस जांच कर रही है।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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