आयकर विभाग की सोच में आ रहा है बदलाव : जैन

BY — September 21, 2015

खत्‍म होगी एमनेस्‍टी स्‍कीम

210904उदयपुर। उदयपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्टी के स्वर्ण जयन्ती वर्ष के तहत आयोजित गोल्डन जुबली व्याख्यान माला के अन्तर्गत आयकर विभाग के मुख्य आयुक्त बीपी जैन एवं हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अखिलेश जोशी के व्याख्यान का आयोजन किया गया।

मुख्य वक्ता आयकर विभाग के मुख्य आयुक्त बीपी जैन ने कहा कि उद्योग एवं व्यवसाय से जुड़े कर दाताओं के योगदान के बिना देश का विकास संभव नहीं है। आयकर विभाग द्वारा कर संग्रहण से जुटाये गये वित्तीय संसाधनों के आधार पर देश की आर्थिक स्थिति का अनुमान लगाया जा सकता है एवं यह अर्थव्यवस्था के लिए लिटमस पेपर टेस्ट का कार्य करता है। सरकारी मशीनरी भी आयकर एवं अन्य कर संग्रहण विभागों द्वारा संग्रहित राजस्व के कारण ही सुचारू रूप से संचालित हो रही है।
210903पुराने समय में आयकर विभाग की कार्य प्रणाली का उल्लेख करते हुए जैन ने कहा कि वह दिन गये जब विभाग द्वारा करदाता को ‘‘कारण बताओ नोटिस’’ जारी कर दिया जाता था। जब करदाता द्वारा कारण बताओ नोटिस का स्पष्टीकरण दे दिया जाता तो आयकर विभाग द्वारा उसे खारिज करते हुए लम्बी चौड़ी डिमाण्ड निकाल दी जाती थी। इस डिमाण्ड का केस अगले दस साल तक चलता रहता था। आयकर विभाग की कार्य प्रणाली की यह विशेषता थी कि वह कर सम्बन्धी विवादित मुद्दों को हाईकोर्ट तक घसीटता था और करदाता को मोटी धन राशि चार्टर्ड एकाउन्टेट की फीस चुकाने हेतु खर्च करनी पडती थी। कई बार यह होता था कि केस की लम्बी अवधि तक चलने से करदाता डिमाण्ड की राशि से ज्यादा धन वकील की फीस चुकाने पर खर्च कर देता था। इससे करदाता एवं आयकर विभाग दोनो के धन एवं समय का अपव्यय होता था। अब सरकार की सोच में बदलाव आया है तथा आयकर विभाग की व्यवस्था में भी परिवर्तन आया है। आयकर विभाग का दायित्व केवल कर दाताओं से टैक्स वसूलने तक ही सीमित नहीं रह गया बल्कि करदाताओं द्वारा विभाग से ‘‘टैक्स फेलिसिटेटर’’ के रूप में कार्य करने की आशा की जाती है।
डिफाल्टर करदाता हेतु आयकर विभाग द्वारा एमनेस्टी स्कीम जारी करने की व्यवस्था पर भी हमेशा के लिये रोक लगाया जाना प्रस्तावित है क्योंकि विभाग का यह मानना है कि यह ईमानदार करदाताओं के साथ नाइंसाफी है तथा यह तय है कि भविष्य में कोई टैक्स एमनेस्टी स्कीम जारी नहीं की जायेगी।
हिन्दुस्तान जिंक ग्लोीबल बिजनेस के अध्यिक्ष अखिलेश जोशी ने बताया कि हिन्दुस्तान जिंक एवं वेदान्ता समूह सरकार के मेक इन इंडिया अभियान में शामिल है तथा अधिकांश निवेश देश में ही किये जाने के पक्ष में है। जोशी ने कहा कि प्रदेश प्राकृतिक संसाधनों के क्षेत्र में धनी है पर यह विचार करने की आवश्यकता है कि यह प्राकृतिक संसाधन एक दिन समाप्त हो जाएंगे। अतः देश एवं प्रदेश की आर्थिक एवं औद्योगिक मशीनरी को यथावत संचालित करने के लिये पूर्व उपाय करने आवश्यक है।
हिन्दुस्तान जिंक के वर्ष 2003 में निजीकरण के उपरान्त चरणबद्ध तरीके से उत्पादन बढ़ाने एवं लागत में कमी लाने के प्रयासो की श्री अखिलेश जोशी ने विस्तार से जानकारी दी। मिनरल उत्खनन को अर्न्तराष्ट्रीय व्यवसाय की संज्ञा देते हुए जोशी ने मिनरल खनन के लिये वैश्विक स्तर की आधुनिक तकनीक अपनाने पर बल दिया। जोशी ने खनन में सूचना प्रौद्योगिकी तकनीक का अधिक से अधिक इस्तेमाल पर भी बल दिया।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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