पेशेवर प्रबंधकों से ही रहेगा कंपनियों का अस्तित्व

BY — December 20, 2015

201211उदयपुर। प्रमुख प्रबंध शास्त्री जेएम राधाकृष्ण ने कहा कि पारिवारिक व्यवसायों को और अधिक लाभकारी बनाने तथा उच्च स्तर तक पहुंचाने के लिये इन्हें व्यावसायिक बनाये जाने की आवश्यकता है।

वे शनिवार को यहां उदयपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री के अरावली सभागार में ‘एक्सीलेंन्स इन फेमिली बिजनेस’ के दूसरे दिन बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि पेशेवर वातावरण प्राप्त करने के लिये परिवार के सदस्य को प्रोफेशनल बनाये ताकि वह परिवार के व्यावसाय का विस्तार करते हुए और व्यावसायिक ऊँचाई तक ले जा सके। उन्होंने कहा कि पारिवारिक व्यवसायों में स्वयं अपनी आगे आने वाली पीढ़ी को सही मार्ग दर्शन प्रदान करना होगा। उस पीढ़ी को सही मायने मंे व्यावसायिक बनाने के लिये आवश्यक है कि उनको कठोर एवं सही प्रशिक्षण दिया जाये, वह भी किसी अन्य सलाह एवं नियंत्रण में उपलब्ध करवाना चाहिए।
201212राधाकृष्ण ने कहा कि संगठन का सतत निरीक्षण करते रहना चाहिए तथा समय की आवश्यकतानुसार नीति सम्बन्धी जरूरी परिवर्तन एवं फैसले समय पर लेते रहने चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा में वही व्यवसाय टिक पायेगा जो कम्पनी के प्रबंधन के लिये पूर्णतयाः पेशेवर प्रबंधक नियुक्त करेगा। यह प्रबन्धक परिवार का सदस्य भी हो सकता है अथवा परिवार के बाहर से प्रोफेशनल सी.ई.ओ. की नियुक्ति की जा सकती है।
पारिवारिक व्यवसायों को प्रोफेशनल बनाने से अभिप्राय यह है कि आप अपने संस्थान में एक सिस्टम तैयार करें। पेशेवर वातावरण को प्राप्त करने के दो तरीके है – एक तो यदि आपके परिवार से ही आपका पुत्र अथवा सम्बन्धी व्यवसाय में आ रहा है तो उसे ट्रेनिंग देकर प्रोफेशनल बनावें अन्थवा परिवार के बाहर से प्रोफेशनल व्यक्तियों का चयन करें।
कार्यशाला के दौरान विषय विशेषज्ञ राधाकृष्ण ने पावर पाइंट प्रजेन्टेोशन से जानकारी दी कि हमारे समाज में प्रायः परिवार एवं व्यवसाय को अलग अलग नहीं समझा जाता है। इससे यह नुकसान होता है कि पिता पुत्र घर पर भी व्यावसायिक चर्चा में व्यस्त रहते है। इसका एक दूसरा नुकसान यह है कि व्यावसायिक निर्णयों को लाभ-हानि की दृष्टि से नहीं बल्कि भावनाओं के आधार पर  लिया जाता है जिससे नुकसान होता है।
हमें व्यवसाय के लिये कितना समय निकालना है एवं परिवार को कितना समय देना है यह स्वयं तय करना होगा। पूरा समय व्यवसाय को देने से जहां परिवार के सदस्य आपसे दूर हो जायेगे वहीं परिवार में अधिक समय देने से व्यवसाय को नुकसान होगा। अतः इसमें संतुलन रखना होगा। अपने पारिवारिक व्यवसाय का उत्तराधिकार परिवार के सदस्य को ही सौंपने से यह लाभ है कि वह व्यवसाय को अपना समझ कर संचालित करेगा। इसके विपरित सेलेरी पर रखा गया प्रबंधक मात्र नौकरी समझ कर कार्य करेगा।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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