नेनो रसायन के इस्तेमाल से ग्रीन प्रोसेस को गति

BY — January 30, 2016

सुविवि के रसायन विभाग में नेनो रसायन पर राष्टीय सेमिनार, केमिकल साइंस के नवीनतम तकनीकों पर जुटे देश के विशेषज्ञ

300102उदयपुर। रसायन में अपनाई गई नेनो टेक्नोलॉजी ने एक और जहां वैज्ञानिकों को इसके दुष्प्रभाव रोकने के लिए प्रेरित किया है, वहीं दूसरी तरफ पर्यावरण और स्वास्थ्य के प्रति भी सचेत किया है। यह जानकारी दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो आरके षर्मा ने बतौर मुख्य वक्ता दी।

300104प्रो. शर्मा यहां  मोहन लाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के रसायन शास्त्र विभाग की ओर से केमिकल साइंस पर आयोजित दो दिवसीय राष्टीय सेमिनार में हिस्सा लेने आए थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में रसायन शास्त्र के भी कंसेप्ट बदल गए हैं। पूर्व में जहां रसायन के उपयोग और उसके प्रभावों पर ही विचार किया जाता था, वहीं अब इसके प्रयोग से पहले इससे पडने वाले प्रभावों का आंकलन किया जाता है। यही कारण है कि वर्तमान में जितने भी रसायन है। उसकी उपयोगिता पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों के आंकलन के बाद ही निश्चित की जाती है। इससे पूर्व सुंखाडिया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो आईवी त्रिवेदी ने सेमिनार का उदृघाटन किया। उन्होंने कहा कि रसायन शास्त्र के प्रयासों की सराहना की तथा कहा कि दक्षिण राजस्थान में नेनो रसायन पर उत्कष्ट शोध करने की बात कही। प्रो त्रिवेदी ने पीआई इंडस्टीज के साथ मिलकर दक्षिण राजस्थान में इस दिशा में अधिकाधिक शोध करने की महत्ता बताई।

300103संगोष्ठी में अध्यक्षता करते प्रो एके गोस्वामी ने कहा कि जो युवा प्रतिभागियों को अनुभवी वैज्ञानिकों के साथ ज्ञान के आदान प्रदान के लिए यह मंच प्रदान किया गया है। विशिष्ट अतिथि एवं पीआई इंडस्टीज के डॉ. प्रशांत पोटनिस ने कहा कि औद्योगिक संस्थानों और विश्वविद्यालय दोनों में ही इस दिशा में शोध की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में भी रसायन विज्ञान की अपार संभावनाएं है। उन्होनंे शोधार्थियों को नई रासायनिक अभिक्रिया और उत्पाद खोजन चाहिए तथा पर्यावरण संतुलन की दिशा में रिसर्च करना चाहिए। संगोष्ठी के समन्वयक प्रो पिंकी पंजाबी ने स्वागत भाषण देते हुए रसायन विज्ञान के विभिन्न आयामों में हरित रसायन, नेनो रसायन, मोडिक्यूलन रसायन आदि को बढावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि शोघ क्षेत्र में अकादमी के साथ ही औद्यौगिक क्षेत्र के लिए भी उपयोगी साबित होगा। इसके लिए संगोष्ठी में मौखिक व पोस्टर विजेताओं को प्रोत्साहित करने के लिए डॉ एसके बेनर्जी पुरस्कार भी रखे गए हैं। आयोजन सचिव प्रो. पिंकी बी. पंजाबी ने बताया कि सेमीनार में देश भर के विभिन्न विश्वविद्यालयो के लगभग 200 से ज्यादा शोधार्थी एवं विषय विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। बताया गया कि प्रथम दिन विभिन्न समानांतर सत्रों में 75 पत्रों का वाचन हुआ। सेमिनार में प्रो आषुतोश वी बेडकर, डॉ नीलू चौहान, प्रो वीके वर्डिया सहित अन्य विशेषज्ञों ने भी विचार रखे।  साथ ही नेनो रसायन पर आधारित पोस्टर डिस्पले की गई। कार्यक्रम का संचालन डॉ मिनाक्षी गर्ग ने किया। धन्यवाद संयोजक सचिव डॉ चेतना आमेटा व डॉ दिनेश पांडे ने ज्ञापित किया।
पूर्व प्रोफेसरों-छात्रों का सम्मान: सेमिनार में विभाग के ख्यातनाम सेवानिवत प्रो सुरेश आमेटा, एसीबी उदयपुर डॉ राजेश भारद्वाज, डेयरी अध्यक्ष डॉ गीता पटेल का रसायन विभाग के एल्यूमिनी के रूप में अभिनंदन किया गया।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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