फिजियोथेरैपी में आएंगे नए चलन

BY — March 17, 2016

राजस्थान विद्यापीठ में तीन दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय सेमिनार की पूर्व कान्फ्रेंस

170301उदयपुर। जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ के फिजियोथेरेपी विभाग की ओर से आयोजित तीन दिवसीय मल्टी डिसिप्लीनरी एप्रोच टू हेल्थ एण्ड फिटनेस विषय पर सेमिनार के पूर्व दिवस पर प्री-कान्फ्रेस का आयोजन गुरूवार को प्रताप नगर स्थित आई.टी. सभागार में हुई।

आयोजन सचिव डॉ. शैलेन्द्र मेहता ने बताया कि प्री-कान्फ्रेस में कनाडा के एमआर जेब, आस्ट्रिया के डॉ. सैयद मोहम्मद वारिस तथा श्री लंका कोलंबो विश्वविद्यालय के प्रो. सुरंगा दशा नायके ने क्रेनियोसेक्रल थेरेपी, वाईब्रेशन थेरेपी व मेन्युअल थेरेपी की विभिन्न विधाओं से मरीजों के उपचार के तरीके की जानकारी दी। प्रो. सुरंगादशा नायके ने बताया कि आज दक्षिण एशियाई देशों में क्रेनियोसेक्रल थेरेपी के द्वारा मनुष्य के मस्तिष्क में होने वाले दर्द को इस थेरेपी के द्वारा दूर किया जाता है। गोरतलब है कि मनुष्य के सिर की हड्डियों में वास्तव में बहुत हल्का-हल्का मूवमेन्ट होता है जिसके द्वारा रोगी को दर्द का एहसास होता है। इस थैरेपी से मस्तिष्क की हड्डियों के मुवमेन्ट को एडजस्ट किया जाता है जिसमें गहरे तंत्रिका उत्तकों पर इसका प्रभाव देखा जाता है। संचालन डॉ. एस.बी. नागर ने किया। धन्यवाद डॉ. विनोद नायर ने दिया।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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