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आखिरकार सुलझा संपत्ति बंटवारा विवाद

BY — June 10, 2016

दुर्गा नर्सरी रोड पर क्वार्टर की जमीन देंगे निकाय को
एमपीयूएटी तथा एमएलएसयू का वर्षों से लम्बित था

100605उदयपुर। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय तथा मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के बीच वर्षों से चले आ रहे सम्पत्ति के बंटवारे संबंधी विवाद का दोनों विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के सार्थक प्रयासों से सौहाद्रपूर्ण निपटारा हो गया।

महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. उमा शंकर शर्मा तथा मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आई. वी. त्रिवेदी के निर्देश पर सम्पत्ति के बंटवारे संबंधी विवाद को निपटाने के लिए दोनों विश्वविद्यालयों के संबंधित अधिकरियों की समिति बनाई गई थी जिसकी बैठक 6 जून को हुई। हालांकि गत छह माह से सघन प्रयास जारी थे।
बैठक में भाभड़ा समिति की निर्धारित विभाजन रेखा का पूरी तरह से पालन करने का निर्णय किया गया। जन सुविधा को देखते हुए दुर्गा नर्सरी रोड स्थित पुराने क्वानर्टर वाली भूमि नगर निगम/नगर विकास प्रन्यास को समर्पित करने का निर्णय किया गया। बची हुई भूमि का व्यावसायिक परिवर्तन करा कर इसके विक्रय से जो राशि प्राप्त हो, उसे दोनों विश्वविद्यालयों में आनुपातिक रूप से विभाजित कर ली जायेगी।
बैठक में दूसरा बड़ा निर्णय यह लिया गया कि जिस भवन में वर्तमान में मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय का कार्यालय स्थित है, उसमें चल रहे महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कोष कार्यालय के अधीन 6 कमरे तथा दो गैराज अस्थायी रूप से मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय को सौंप दिये जायेंगे तथा मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय का भू-सम्पत्ति कार्यालय वाला भवन महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को सौंप दिया जायेगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रशासनिक भवन के पीछे स्थित खाली जगह पर महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का नया सभागार बनाया जायेगा।
दोनों विश्वविद्यालयों के भू-सम्पत्ति अधिकारियों ने बताया कि विश्वविद्यालय  परिसर में कुल 114 क्वार्टर स्थित हैं जिनमें से 31 मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय तथा 83 महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के पास हैं। इनका बंटवारा इस प्रकार से हो कि जिस ब्लॉपक में जिस विश्वविद्यालय के क्वार्टरों की संख्या अधिक है, वह उसके हिस्से के क्वार्टरों की संख्या के हिसाब से उसे दे दिया जाये। भाभड़ा समिति की अनुशंसा के अनुसार जिम तथा स्विमिंग पूल की भूमि तथा भवन सुखाड़िया विश्वविद्यालय के अधीन रहेंगे तथा वहां मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के नये कुलपति-निवास का निर्माण होगा तथा वर्तमान कुलपति निवास वाला भवन महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को दे दिया जायेगा।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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