नन्हें बालकों की प्रस्तुतियों पर अभिभावक मुग्ध

BY — August 22, 2016

तेरापंथ भवन में मनाया ज्ञानशाला दिवस

220806उदयपुर। अणुव्रत चौक स्थित तेरापंथ भवन में श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा के तत्वावधान में शहर में चल रही छह ज्ञानशालाओं का संयुक्त रूप् से ज्ञानशाला दिवस मनाया गया। इस अवसर पर सभी ज्ञानशालाओं के 170 से अधिक बच्चों ने आकर्षक धार्मिक नाट्य प्रस्तुतियां दी। अभिभावक अपने बच्चों की प्रस्तुतियों को देखकर भाव विभोर हो गए। कई तो विश्वास ही नहीं कर पाए कि ये उनके बच्चों की प्रस्तुतियां थीं। इससे पूर्व सुबह रैली भी निकाली गई।

कार्यक्रम को सान्निध्य प्रदान करते हुए साध्वी कीर्तिलता ने कहा कि देश भर की ज्ञानशालाओं के कार्यक्रम हमने भी देखे हैं लेकिन उदयपुर की ज्ञानशालाएं निस्संदेह सराहनीय हैं। यह सिर्फ ज्ञानशाला ही नहीं जीवन शाला भी है। प्रशिक्षिकाएं उन्हें प्रशिक्षण देकर भावी पीढ़ी को तैयार कर रही हैं।
220807मुख्य अतिथि ज्ञानशाला के संयोजक फतहलाल जैन ने कहा कि ज्ञानशालाएं आचार्य तुलसी की देन है जिन्होंने भावी पीढ़ी को संस्कारित बनाने के लिए यह उपक्रम चलाया। ज्ञानशालाओं से न सिर्फ बच्चों बल्कि प्रशिक्षिकाओं का भी विकास होता है। अभिभावक अपने बच्चों को आवश्यक रूप् से ज्ञानशाला में भेजें ताकि आज के इस मॉडर्न युग में भी बच्चे धार्मिक और संस्कारित हो सकें।
विशिष्ट अतिथि सभा के अध्यक्ष सूर्यप्रकाश मेहता ने कहा कि ज्ञानशाला जीवन विकास की शाला है। इसमें आकर बच्चे आईक्यू और ईक्यू में अपनी विशेषज्ञता हासिल कर सकते हैं। न सिर्फ बच्चों बल्कि बड़ों के लिए भी ज्ञानशालाएं काफी सहायक सिद्ध हुई हैं। विशिष्ट अतिथि तेयुप अध्यक्ष राकेश नाहर ने भी विचार व्यक्त किए।
सभा के मंत्री राजेन्द्र बाबेल ने बताया कि समारोह में श्रेष्ठ ज्ञानशाला के रूप में आनंदनगर में संचालित ज्ञानशाला को सम्मानित किया गया वहीं श्रेष्ठ प्रशिक्षिका का खिताब प्रतिभा इंटोदिया को दिया गया।
220808कार्यक्रम में ज्ञानशालाओं के बच्चों ने एक्शन सांग, तुलसी निकेतन की ज्ञानशाला के बच्चों ने सरोज सोनी के निर्देशन में तैयार नाटिका प्रस्तुत की। ज्ञानशाला नम्बर 1 के बच्चों ने संस्कार सप्तक प्रस्तुत किए। ज्ञानशालाओं में 80 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति वाले बचचों को स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। इनमें संयम नांदरेचा, कृतिषा हिरण, मेघा चौधरी, अंश पोरवाल, निशि सुराणा, अवि धर्मावत शामिल थे।
ज्ञानशाला की संयोजिका सुनीता बैंगानी ने बताया कि शहर में छह स्थानों पर अणुव्रत चौक, आनंद नगर, तुलसी निकेतन, न्यू भूपालपुरा, आदिनाथ नगर एवं महाप्रज्ञ विहार में ज्ञानशालाओं का संचालन किया जा रहा है। अपने निवास स्थानों पर ज्ञानशाला संचालन के लिए मोतीलाल कच्छारा, मदनलाल पीतलिया, कन्हैयालाल चोरडिया का अभिनंदन किया गया। प्रशिक्षिका की परीक्षा में विशारद, स्नातक, विशेष योग्यता करने पर प्रेक्षा नंदावत, मीनल इंटोदिया, पुष्पा नांदरेचा, मीना नांदरेचा, अंतिमा सिंघवी आदि का सम्मान किया गया। संचालन एवं आभार संगीता पोरवाल ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में तेयुप के पूर्व अध्यक्ष धीरेन्द्रसिंह मेहता, प्रदीप सोनी भी मौजूद रहे।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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