छात्र ग्रामीण परिवेश को ध्यान में रखकर नए शोध करें : सारंगदेवोत

BY — October 6, 2016

राजस्थान विद्यापीठ में होम्योपैथी पीएचडी कोर्स वर्क प्रारंभ

061001उदयपुर। जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय के संघटक होम्योपैथी चिकित्सा महाविद्यालय के पीएचडी शोधार्थी का तीन दिवसीय कोर्स वर्क गुरूवार को विश्वविद्यालय के प्रतापनगर स्थित सभागार में प्रारंभ हुआ।

अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत ने पीएचडी शोधार्थियों का आव्हान किया कि वे विषय की नवीनतम शोध परक जानकारी रखें। छात्र नवीन शोध ग्रामीण परिवेश को केन्द्र बिन्दु मानते हुए करे, तभी इसकी सार्थकता सिद्व हो पायेगी। उन्होंने कहा कि आज वैश्वीकरण के युग में ज्ञान का विस्फोट हो रहा है। हम उसको प्राप्त करके ही अपने विषय की अभिकृति बन सकते है। उन्होंने कहा कि हमारी शिक्षा प्रणाली को मजबूत करना होगा, यह तभी हो सकता है जब हमारे विश्वविद्यालय के शोध कार्य को प्रोत्साहन देंगे तभी हम भारत विश्व  के 100 विश्वविद्यालयो में शामिल हो पायेंगे। मुख्य अतिथि केन्द्रीय होम्योपेथी परिषद् के एक्सीलेंसी इन एज्यूकेशन कमेटी के चेयरमैन डॉ. एलके नन्दा ने कहा कि वर्कशॉप में शोधार्थियों को शोध पद्धति, शोध प्रारूप तैयार करने की वैज्ञानिक पद्धति, कम्प्यूटर एवं इन्टरनेट उपयोगिता आदि का ज्ञान कराया जाए। प्राचार्य डॉ. अमिया गोस्वामी ने प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत करते हुए कोर्स वर्क की जानकारी दी। होम्योपैथी विषय विशेषज्ञ डॉ. प्रशांत तम्बोली, डॉ. देवांगिनी ने आधुनिक होम्योपेथी तकनीक के बारे में शोधार्थियों को जानकारी दी। संचालन डॉ. लीली जैन ने किया । कोर्स वर्क में उड़ीसा, तमिलनाडु, चेन्नई, गोवा, कलकत्ता, भोपाल, दिल्ली, गुजरात एवं जयपुर के शोधार्थियों ने भाग लिया।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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