खेरोदा में महिला की हत्या का राज खुला
उदयपुर। खेरोदा पुलिस ने मायदा के जंगल में मिली लाश के मामले का पर्दाफाश करते हुए एक मुल्जिम भैरूलाल को गिरफ्तार किया।
पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र प्रसाद गोयल ने बताया कि 22 अक्टूमबर को लोगरलाल मीणा सरपंच ने खेरोदा थाने पर में सूचना दी थी कि कच्छेर से मायदा जाने वाले कच्चे रास्ते के पास बीहड़ो में एक महिला की लाश पडी है। उक्त सूचना पर खेरोदा पुलिस मौके पर पहुंची। महिला की लाश पहाड़ी पर झाडि़यों की आड़ में पड़ी थी। लाश के पास मिले एक थैले में उक्त अज्ञात महिला के कपड़े व एक बटुआ (पर्स) मिला, जिसमे मृतका का पुराना फोटो मिला। वहां पर मौजूद लोगों में से हीरालाल निवासी मायदा ने लाश की शिनाख्त बहिन जमना पत्नी शांतिलाल रावत नाहरपुरा के रूप में की। इस संबंध में अज्ञात अभियुक्त के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया था।
घटना के खुलासे के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ठाकुर चन्द्रशील ने खेरोदा व भीण्डर थानाधिकारी की टीम बनाई गई। अनुसंधान के दौरान ज्ञात हुआ कि जमना की शादी शांतिलाल रावत निवासी नाहरपुरा के साथ हुई थी। एक-डेढ़ साल से जमना के साथ उसके पड़ोस के ही भैरूलाल रावत ने प्रेम सम्बंध बना लिए। इसकी जानकारी जमना के पति व ससुराल पक्ष के लोगों को हुई तो इन्होने भैरूलाल को समझाया। इसके बाद जमना व इसके पति के बीच अनबन रहने लगी। दशहरा के अगले दिन जमना अपनी 9 माह की दुधमुंही बच्ची को पति के पास छोड़कर अपने पीहर मायदा में मंदिर दर्शन जाने की कहकर निकली थी। शाम तक वापिस घर नही लौटी तो पति ने आस-पड़ोस में तलाश की लेकिन कोई पता नहीं चला। 22 अक्टूीबर को उक्त जमना की लाष मायदा के जंगलों में मिली जिसका गला धारदार हथियार से काटा हुआ। पुलिस ने मृतका के प्रेमी भैरूलाल के बारे में जानकारी जुटाई तो ज्ञात हुआ कि वह जमना की लाश मिलने से 4-5 दिन पहले से घर से फरार है। आज प्रातः खेरोदा तथा भीण्डर पुलिस ने उक्त भैरूलाल को नाहरपुरा के पहाड़ी क्षेत्र से घेरा डालकर पकड़ लिया। भैरूलाल से पूछताछ मे सामने आया कि वह पहले से विवाहित होकर 3 बच्चे का पिता है। जमना से प्रेम प्रंसग हो जाने से पूरा गांव नाराज था। जमना पति को छोड़कर उसके साथ भागकर नाता करना चाहती थी। एक ही गांव परिवार का होने से भैरूलाल ने जमना से पीछा छुडाने के लिए जमना को पहले ससुराल से नाहरपुरा के जंगलों में बुला लिया। वहां पर वो जमना के साथ रहा। जमना ने उसको नाता विवाह करके हमेशा साथ रखने के लिए दबाव बनाया व वापिस शांतिलाल (पति) के साथ नहीं रहने के लिए कहा तो भैरूलाल रात में जमना को मायदा के जंगलो की तरफ ले जाकर पहले तो जमना को कीटनाशक पिलाकर जान लेने की कोशिश की। इसमें असफल रहने पर चाकू से गला रेत कर हत्या करके फरार हो गया। पुलिस इस मामले में अनुसंधान कर रही है।














