हिंदुस्तान जिंक ने बिछड़ी और देबारी के राजकीय स्कूलों में शुरू कीं अत्याधुनिक स्टेम लैब्स

BY — February 27, 2026

उदयपुर में 3 हाई-टेक लैब्स स्थापित, राजस्थान के 76 से अधिक राज स्ककीय स्कूलों में आधुनिक सुविधाओं और तकनीक के जरिए शिक्षा में उन्नयन
उदयपुर। भारत की एकमात्र और दुनिया की सबसे बड़ी एकीकृत जिं़क उत्पादक कंपनी, हिंदुस्तान जिंक, राजकीय स्कूलों में विज्ञान और तकनीक की शिक्षा को नया रूप दे रही है। इसमें राजस्थान के 76 से अधिक राज स्ककीय स्कूलों में आधुनिक सुविधाओं और तकनीक के जरिए शिक्षा में उन्नयन किया जा रहा है। कंपनी ने सोसाइटी फॉर ऑल राउंड डेवलपमेंट के साथ मिलकर उदयपुर के बिछड़ी और जिंक स्मेल्टर के राजकीय स्कूलों में अत्याधुनिक इमर्सिव, टेक्नोलॉजी-इनेबल्ड लर्निंग स्टेम लैब्स का उद्घाटन किया। ये लैब्स ग्रामीण क्षेत्र के उन बच्चों के लिए वरदान साबित होंगी जो विज्ञान के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं। जिला शिक्षा अधिकारी लोकेश भारती ने कहा कि,सीखने के लिए जिज्ञासा बहुत जरूरी है। हिंदुस्तान जिंक की यह पहल छात्रों में वैज्ञानिक सोच पैदा करेगी। खेल-खेल में और प्रयोगों के जरिए सीखने से बच्चों का आधार मजबूत होगा। कुराबड़ ब्लॉक की सीबीईओ मीना शर्मा ने कहा कि, जब ग्रामीण बच्चों को आधुनिक उपकरणों से सीखने का मौका मिलता है, तो उनका आत्मविश्वास बढ़ता है। यह पहल बच्चों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की शक्ति देगी।

उद्घाटन के दौरान, बिछडी राजकीय विद्यालय की प्रधानाचार्य सुनीता बोरीवाल, प्रधानाचार्य जिंक स्मेल्टर राजकीय विद्यालय देबारी जसवंत राय, प्रशासक बिछडी धर्मी बाई, पूर्व सरंपच बिछडी कमल सिंह, पूर्व सरपंच बाबू सिंह, उपसरपंच दूल्हेिसंह देवडा, प्रकाश डांगी, हेड सीएसआर वेदांता समूह अनुपम निधि, एसबीयू डायरेक्टर जिं़क स्मेल्टर देबारी विवेक यादव ,रुचिका नरेश चावला, अपर्णा व्यास एवं सीएसआर टीम के सदस्य उपस्थित थे। हिंदुस्तान जिंक ने तीन इमर्सिव स्टेम (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, मैथेमेटिक्स) लैब्स स्थापित की हैं, जिनका उद्धेश्य एक्सपीरिएंशियल और टेक-इनेबल्ड लर्निंग के जरिए सरकारी स्कूल की पढ़ाई को बदलना है। इनमें उदयपुर में राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बिछड़ी, डबोक, और जिंक स्मेल्टर सीनियर सेकेंडरी स्कूल, साथ ही राजकीय गर्ल्स इंटर कॉलेज में स्टेम लैब स्थापित है। हर लैब एडवांस्ड डिजिटल टूल्स, रिफर्बिश्ड इंफ्रास्ट्रक्चर, और आर्टिफिशियल और वर्चुअल रियलिटी जैसी इमर्सिव टेक्नोलॉजी से लैस है, जिन्हें विज्ञाान के अध्ययन को रूचिकर, आसान और भविष्य के लिए तैयार बनाने के लिए डिजाइन किया गया है।

इन स्टेम लैब्स को इमर्सिव इनोवेशन हब के तौर पर डिजाइन किया गया है जो मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर को कटिंग-एज एजुकेशनल टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ते हैं। इनमें अपग्रेडेड लाइटिंग, फर्नीचर, और बिल्डिंग ऐज लर्निंग एड कॉन्सेप्ट का उपयोग कर इंटरैक्टिव म्यूरल के साथ रिफर्बिश्ड क्लासरूम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसवाले इंटरैक्टिव फ्लैट पैनल, जिनमें 5,000 से अधिक डिजिटल लर्निंग मॉड्यूल का एक्सेस है। मुश्किल कॉन्सेप्ट को आसान बनाने के लिए एडवांस्ड वीआर हेडसेट और एआर सिमुलेशन का उपयोग कर ऑगमेंटेड और वर्चुअल रियलिटी कंटेंट डिलीवरी, थीमैटिक कॉर्नर, क्लासरूम को नए फर्नीचर, बेहतर लाइटिंग और दीवारों पर आकर्षक चित्रों के जरिए सीखने लायक बनाया गया है। केवल लैब बनाना ही उद्धेश्य नहीं है, बल्कि शिक्षकों को भी ट्रेनिंग दी जा रही है ताकि वे बच्चों को बेहतर ढंग से पढ़ा सकें। हिंदुस्तान जिंक अपनी सीएसआर गतिविधियों के जरिए शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण के क्षेत्र में कार्यरत है। कंपनी वर्तमान में 2,300 से अधिक गाँवों के लगभग 23 लाख लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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