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अध्यात्म और सेवा का संगम आज से

BY — November 9, 2016

हिन्दू अध्यात्म एवं सेवा संगम-2016

091105उदयपुर। उदयपुर में 10 से 13 नवम्बर तक बीएन विश्वविद्यालय में होने वाले हिन्दू अध्यात्म एवं सेवा संगम-2016 का आगाज मंगलवार को फतहसागर की पाल पर वंदेमातरम् के राष्ट्रनाद के साथ हुआ।

10 नवम्बर से सेवा और समरसता का विशाल संगम शुरू होगा। भारतीय सनातन संस्कृति के छह मूल्यों पर आधारित इस संगम का औपचारिक उद्घाटन समारोह शाम चार बजे होगा, जबकि स्टाल्स सुबह शुभ मुहूर्त 10.30 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सज जाएंगी।
इस संगम को उदयपुर में स्थापित करने वाले विचारक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह सेवा प्रमुख गुणवंत सिंह कोठारी ने कहा कि वंदेमातरम् नाद ने पूरे शहर ही नहीं, सम्पूर्ण अंचल में देशभक्ति की तरंगें झंकृत की हैं। महत्वपूर्ण चरण 10 नवम्बर से शुरू हो रहा है जो सामाजिक समरसता और हिन्दू समाज की सेवा भावना, भारतीय संस्कृति की विशाल हृदयता का दर्शन सभी को कराएगा।
संगम उदयपुर चेप्टर के अध्यक्ष विरेन्द्र डांगी ने बताया कि सेवा और समरसता को जन-जन का विषय बनाने के उद्देश्य से यह आयोजन हो रहा है। छह मूल्यों में वनों का संरक्षण एवं वन्यजीवों का संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, पारिस्थिति संरक्षण, मानवीय और पारिवारिक मूल्यों को बढ़ावा देना, नारी सम्मान को प्रोत्साहन, देशभक्ति का भाव जगाना शामिल है।
उद्घाटन समारोह मंगलधुन शहनाई वादनव गणपति वंदना से शुरू होगा। उदयपुर के भगवती प्रसाद सारंगी वादन करेंगे। उद्घाटन के बाद रात्रिकालीन कार्यक्रम में कत्थक आश्रम उदयपुर की ओर से पर्यावरण संरक्षण आधारित नृत्य नाटिका प्रस्तुत की जाएगी। भेंडीबाजार घराने की युवा गायिका भूमिका द्विवेदी व नाथद्वारा के पद्मश्री पुरुषोत्तम दास पखावजी के प्रपौत्र केशव कुमावत पखावज वादन की प्रस्तुति देंगे।
स्टाल व्यवस्था संयोजक रामजी. वार्ष्णेय ने बताया कि संगम में एक लाख 75 हजार वर्ग फीट के मैदान पर स्टाल के 5 डोम व कुल सात डोम तैयार किए गए हैं। संगम में कुल 141 सामाजिक व स्वयंसेवी संस्थाओं के लिए 204 स्टाल बनाए गए हैं। इनमें से 10 स्टाल सुरक्षा व्यवस्था के लिए रखी गई हैं। अध्यात्म से जुड़ी संस्थाओं को 18 स्टाल, कृषि संस्थाओं की पांच, पशु-पक्षी सेवा संबंधी, पर्यावरण संबंधी, गऊशाला संबंधी स्वास्थ्य-चिकित्सा संबंधी, जाति-समाज से जुड़ी स्टालें हैं।
संगम के सचिव हेमेन्द्र श्रीमाली ने बताया कि पिछले दिनों हुई विभिन्न प्रतियोगिताओं के फाइनल मैच भी संगम में होंगे। चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं और शहर के चित्रकारों द्वारा कला शिविर में बनाए गए चित्रों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। संगम में शामिल संस्थाओं के लिए स्टाल व सम्बंधित सुविधाएं निशुल्क रहेंगी। संस्था को दस गुना दस फीट के गुणक में आवश्यकतानुसार स्टाल दिए गए हैं जिसमें वे अपने सेवा कार्यों का प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे हैं।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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