आत्मा की शुद्धि के लिए ध्यान व योग आवश्यक : सुप्रकाशमति माताजी

BY — November 26, 2016

वात्सल्य भवन व आहार कक्ष का लोकार्पण

261106उदयपुर। आर्यिका प्रज्ञामति माताजी व आर्यिका सुप्रकाशमति माताजी ने कहा कि ध्यान केन्द्र में बनने वाले वास्तु पिरामिड क्षेत्र में साधना करने से साधक के जीवन में नई सकारात्मक उर्जा का संचार होगा। जिस प्रकार शरीर को स्वादिष्ट भोजन की आवश्यकता होती हैं। उसी तरह शरीर में निवासरत आत्मा को भी ध्यान रूपी भोजन की आवश्यकता होती हैं।

वे आज बलीचा स्थित ध्यानोदय क्षेत्र में नवनिर्मित मणिवात्सल्य भवन एवं प्रेम लहरी आहार कक्ष के लोकार्पण समारोह में उपस्थित हजारों श्रावक-श्राविकाओं को संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि जैसे शरीर की शुद्धि के लिए नहाना आवश्यक हैं उसी तरह आत्मा की शुद्धि के लिए ध्यान व योग आवश्यक हैं। शरीर व मन को स्वस्थ बनाने व आत्मा को पोषित करने के लिए ही ध्यान केन्द्र का निर्माण हो रहा हैं।
261107ध्यान केन्द्र ट्रस्ट मण्डल के मुख्य ट्रस्टी ओमप्रकाश गोदावत ने बताया कि आज प्रातः 8 बजे आर्यिका संघ का ध्यानोदय क्षेत्र में सुप्रकाश बाल मण्डल घोष बैण्ड़ बाजे की मधुर धुन के साथ अखिल भारतीय सुप्रकाष ज्योति मंच महिला शाखा व भक्तजनों ने पुष्पवृष्टि से स्वागत कर मंगल भव्य प्रवेश कराया। विधानाचार्य पण्डित सलुम्बर के सुरेन्द्र के निर्देशन में प्रातः 8.30 बजे ट्रस्ट मण्डल द्वारा ध्वजारोहण व दीप प्रज्जवलन तत्पश्चात जिनाभिषेक, वास्तु एवं शान्तिनाथ महामण्डल विधान व हवन किया गया। शाम को सगींतकार हरजीतसिंह एण्ड पार्टी (धरियावद) द्वारा आर्यिका संघ की आरती के बाद एक शाम ध्यानोदय के नाम सांस्कृतिक संध्या का आयोजन हुआ।
लक्ष्मी चली गई आपा अठेस रेई गया : प्रख्यात राष्ट्रीय कवि डाडमचन्द दाडम ने शाम को हजारों श्रोताओं को अपनी हास्य रचनाओं के माध्यम से हंसाते हुए मोदी की नोटबंदी पर कहा कि पेले केता लक्ष्मी रेई जाएगा, आपा चला जाएंगा और अबे देखो लक्ष्मी चली गई आपा अठेस रेई गया, मोदी ने कहा था न खाउंगा न खाने दुंगा पर यह तो नहीं कहा था कि खाया पिया निकाल दूंगा… कविता सुनाई तो भरे पाण्डाल में हंसी के फव्वारे छूट गए ।
समाजसेवियों का किया बहुमान : समारोह में झमकलाल अखावत, भंवरलाल मुण्डलिया, हरिश हिकावत (नागपुर), महेन्द्र रजावत (मुम्बई), कमलप्रकाश चन्द्रावत (आसपुर), वेणीचन्द ढोलिया, पुंजीलाल सेम्बारा, लक्ष्मीलाल कुण्डा, सूर्यप्रकाश व दिनेश शाह (डूंगरपुर), निलेश मेहता, राजेन्द्र वेडा, सुरेश डागलिया, निर्मल मालवी, मोहन नागदा, जितेन्द्र रजावत सहित कई समाज सेवियों को सम्मानित किया गया। प्रसिद्ध वास्तुविज्ञ डॉ. सम्पत सेठी ने कहा कि 10 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन उक्त ध्यान केन्द्र के ध्यान कक्ष में जीवन की सभी नकारात्मकता को भुलाकर सकारात्मक उर्जा प्राप्त की जा सकेगी। उन्होने दावा किया है यह विश्व का पहला ऐसा ध्यान कक्ष होगा जंहा की अष्टद्वार से युक्त 1008 कामधेनु शांतिनाथ भगवान का मंदिर साथ ही मनोकामनापूर्ण ज्वालामालिनी माताजी का भव्य जिन मंदिर निर्मित हैं, जो ध्यानोदय क्षेत्र में सकारात्मक उर्जा का मुख्य स्त्रोत होगा । इससे पूर्व मणि वात्सल्य भवन का लोकार्पण महेन्द्र शमिला रजवात परिवार एवं आहार कक्ष का लोकार्पण आसपुर के कमल प्रकाश चन्दावत परिवार द्वारा किया गया।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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