आतंकवाद के आकाओं से सवाल पूछता नाटक ‘तोमार डाके’

BY — November 26, 2016

अल्फाज के चौथे संस्करण की द्वितीय नाट्य संध्या में भाव विभोर हुए दर्शक

261109उदयपुर। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, नाट्यांश सोसायटी ऑफ ड्रामेटिक एंड परफॉर्मिंग आर्ट्स एवं एक्शन उदयपुर के संयुक्त तत्वाधान में चल रहे चौथे राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव अल्फ़ाज़ के दुसरे दिन कोलकाता के कलाकारों द्वारा नाटक तोमार डाके का मंचन किया गया। नाटक में निर्भिक अभिनय के जरिए कोलकाता के कलाकारों ने शहरवासियों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ दी। दर्पण सभागार शहर से दूर होने के बावजूद भी रंग प्रेमियों से खचाखच भरा रहा।

नाटक के लेखक और निर्देशक सुवोजीत बंधोपाध्याय ने बताया कि तोमार डाके यानि की तुम्हारी आवाज। इस बांगला नाटक में पाकिस्तान की मलाला युसुफजाई के संदेशों को लोगों तक पहुंचाया है। नाटक ऐसे हालातों की कहानी बयां करता है, जहां बच्चों के हाथों से किताबों और खिलौने छीन कर हथियार थमा दिए जाते हैं। साथ ही धर्म के नाम पर लोगों के सिर कलम किए जा रहे हैं। औरतों को अपनी हवस का शिकार बनाया जा रहा है। ऐसे हालातों में मलाला युसुफजाई ने शिक्षा को लेकर जो संदेश दिया है उससे प्रेरित हो कैसे हम अपनी जिंदगी बदल सकते हैं। नाटक में भले ही आसपास के देशों का जिक्र है लेकिन यह हमारे घर के आसपास के माहौल पर भी सवाल खड़ा करता है। नाटक में संदेश दिया है कि बच्चों के हाथों में किताबें, चॉकलेट और खिलौने ही अच्छे लगते हैं, हथियार नहीं। धर्म चाहे कोई भी क्यों न हो, वो प्यार और भाईचारा ही सिखाता है।
261110नाटक से पहले ऑनलाईन फोटोग्राफी के विजेताओं के नाम की भी घोषणा की गई। संयोजक अब्दुल मुबीन खान ने बताया कि प्रतियोगिता के दूसरे वर्ष में ही यह अन्तराष्ट्रीय स्तर की ख्याति प्राप्त कर चुका है। विजेताओं में प्रथम स्थान पर कोलकता से पार्थ प्रीतम साहा, द्वितीय स्थान पर स्पेन के बर्सिलोना से शिभाषीश साहा रहे। तृतीय स्थान पर गोवा से गौतम कामत रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के कार्यक्रम अधिकारी लईक हुसैन ने की एवं मुख्य अतिथि वरीष्ठ रंगकर्मी खुरशीद नवाब और विशिष्ट अतिथि वरीष्ठ रंगकर्मी विलास जानवे रहे। इन्होंने चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को पारीतोषिक भी प्रदान किया। नाटक समाप्ति पर दो मिनट का मौन रख 26/11 के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
आज अग्नि परीक्षा का मंचनः अल्फाज के तीसरे और अंतिम दिन दर्पण सभागार में शाम सवा छ बजे जयपुर से परंपरा नाट्य समिति से आए कलाकार नाटक अग्नि परीक्षा का मंचन करेंगे। यह नाटक नारी की अग्नि परीक्षा पर आधारित है।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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