4 साल पूर्व बंद नहीं होंगे 2 हजार के नोट

BY — December 17, 2016

चार्टर्ड अकाउन्टेन्ट्स का 2 दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन प्रारम्भ
स्वंय की सम्पत्ति पत्नी,बेटे के नाम करने से बेनामी नहीं

उदयपुर। चार्टर्ड अकाउन्टेन्ट्स का दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन परिवर्तन चेन्जिंग टाईम-टाइम फॉर चेंज विषय पर हिरणमगरी से. 14 स्थित आईसीएआई भवन में प्रारम्भ हुआ।

सम्मेलन में दिल्ली के सुविख्यात सीए गिरीश आहुजा ने कहा कि स्वयं की सम्पत्ति पत्नी या बेटे के नाम करने से वह बेनामी नहीं कहलायेगी। उन्होेंने कहा कि लोगों में यह भ्रम है कि बेनामी सम्पत्ति सिर्फ अचल हो सकती है जबकि सत्य यह है कि बेनामी सम्पत्ति बैंक में जमा, शेयर आदि कुछ भी हो सकती है। अब आयकर सर्वे में नकद अघोषित आय सरेन्डर करने पर नये कानून के अनुसार कुल 77.25 प्रतिशत टेक्स देना ही होगा।
4 वर्ष पूर्व बंद नहीं होंगे 2 हजार के नोट-उन्होंने बताया कि वर्तमान में कानून के अनुसार 4 वर्ष पूर्व हाल ही में सरकार द्वारा जारी किये गये 2 हजार रूपयें के नये नोट बंद नहीं किये जा सकते, इसलिए आमजन को चिन्ता करने की आवश्यकता नहीं है।
मीडिया प्रभारी सीए दीपक एरन ने बताया कि सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में जर्मनी की अन्तर्राष्ट्रीय अकाउन्टिंग व ऑडिटिंग बोर्ड की सदस्या डॉ. एनेट कोहलर ने भारतीय व जर्मनी की अर्थव्यवस्था में समानता बताते हुए कहा कि भारतीय अंकेक्षकों की पेशेवर क्षमता का लोहा पूरी दुनिया मानती है। उद्घाटन सत्र को आदर्श समूह के सीए राहुल मोदी ने भी संबोधित किया।
बैंकों में अंकेक्षकों की नियुक्ति आरबीआई करेगी-उद्घाटन सत्र में बोलते हुए सेन्ट्रल कौन्सिल मेम्बर सीए प्रकाश शर्मा ने कहा कि भविष्य में बैंकों में अकेक्षकों की नियुक्ति रिजर्व बैंक ऑफ इनिडया द्वारा की जाएगी ताकि उन पर कड़ा नियंत्रण रखा जा सकें। वर्तमान में हो रहे बैंकों में घोटालों के सन्दर्भ में यह महत्वपूर्ण हो जाता है।
इससे पूर्व शाखा अध्यक्ष शैलेष माहेश्वरी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। कॉन्फ्रेन्स के सलाहकार सीए अरविन्द शाह ने भी समारोह को संबोधित किया।
प्रथम तकनीकी सत्र में बोलते हुए जयपुर के सीए एडवोकेट संजय झंवर ने विमुद्रीकरण की तारीफ करते हुए कहा कि इसे बढ़िया तरीके से इसे लागू नहीं किया जा सकता था। उन्होेंने हाल ही में लागू की गई प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के बारे में बताया कि इसमें सिर्फ नगद या डिपॉजिट राशि ही घोषित की जा सकती है। प्रोपर्टी की घोषणा कर छूट प्राप्त नहीं की जा सकती है।
दूसरे सत्र में सीए निखिल तोतुका ने इन्सोलवेन्सी व बैंक करेन्सी अधिनियम के प्रावधानों पर प्रकाश डाला। तकनीकी सत्रों की अध्यक्षता सीए एससी जैन, सीए राकेश लोढ़ा व सीए वीएस नाहर ने की। अंत में धन्यवाद सचिव सीए मनीष नलवाया ने दिया।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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