विशेष बच्चों पर खास ध्यान देगा हिन्दुस्तान जिंक

BY — August 31, 2017

हिन्दुस्तान जिंक के ‘‘जीवन तरंग जिंक के संग‘‘ कार्यक्रम से 4 जिलों के 500 बच्चें होगें लाभान्वित

ईष्वर कुछ बच्चों को बहुत सारे प्रेम, स्नेह और संरक्षण से बनाता है जिनकी मुस्कान आपको मुस्कुराने के लिये बाध्य कर देती है तो वहीं आपकी आंख में आंसू भी ला देती है इन बच्चों को खास देखभाल की जरूरत होती है इस कारण इन बच्चों को विषेष बच्चें माने जाते है।

ऐसे में यदि इन विषेष योग्यजन बच्चों के सपनों को संबंल मिल जाए तो ये भी समाज की मुख्यधारा से जुड सकते है। इसे संभंव करने की पहल है, हिन्दुस्तान जिं़क का जीवन तरंग ज़िंक के संग कार्यक्रम जिसके अन्तर्गत अब इन बच्चों को कौषल विकास से जोडा जाएगा ताकि ये भी शैक्षणिक और सामाजिक तौर पर सक्षम हो सके।
बुधवार को यषदभवन सभागार में जिं़क दिवस आयोजित किया गया विषेष योग्य जन बच्चों ने कार्यक्रम में भक्तिगीत, देषभक्तिगीत, फिल्मी गीतों तारे जमीं पर, जय हो पर नृत्य के साथ ही माईम द्वारा खुद की क्षमता को दर्षाया। कार्यक्रम में सभी प्रस्तुतियों की ऑडिटोरियम में मौजूद हर एक व्यक्ति ने तालियों की गडगडाहट और विषेष योग्यजनों को हाथ हिला कर अभिवादन से उत्साह वर्धन किया। कार्यक्रम में राजकीय विद्यालय चाकसू के कृष्णपाल ने गीत की प्रस्तुती दी। जिसमें श्री सांवलिया बहुउद्धेषीय विकलांग सेवा संस्थान चित्तौडगढ़, बधिर बाल कल्याण विकास समिति भीलवाडा, विकलांग कल्याण समिति उदयपुर, बाधित बालविकास कल्याण समिति अजमेर, प्रयास संस्था उदयपुर के बालक बालिकाओं की प्रस्तुतियों ने समारोह को अद्भूत और उर्जावान कर दिया।

इसके तहत् हिन्दुस्तान जिं़क के कार्य क्षेत्र जिलों उदयपुर, चित्तौडगढ़ के चंदेरिया लेड जिं़क स्मेल्टर, भीलवाड़ा के रामपुरा आगुचा खान और अजमेर के कायड माईन्स के 500 बच्चों को चिन्हित किया गया हैं। इन बच्चों को सार्थक षिक्षा देने के लिये हिन्दुस्तान जिं़क ने उदयपुर में विकलांग कल्याण समिति, चित्तौडगढ़ में श्री सांवलिया बहुउद्धेषीय विकलांग सेवा संस्थान, भीलवाड़ा में बधिर बाल विकास कल्याण समिति ए अजमेर में बाधित बालविकास समिति और प्रयास संस्था उदयपुर से भागीदारी की है।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील दुग्गल ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि विषेष योग्यजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिये आगे आने कि आवष्यकता है एवं प्रत्येक व्यक्ति इनके लिये समय निकाल कर इन्हें समाज का अभिन्न हिस्सा बनाने में अहम भूमिका निभाएं। हिन्दुस्तान जिं़क का जीवन तरंग कार्यक्रम इसी सोच को पुरी करने की पहल है।
करीब 400 मूक बधिर बच्चों के जीवन में सार्थक बदलाव एवं इनके लिये कार्यरत संस्थानों की दीर्धकालीन दृष्टि और रोडमेप विकसित करने के लिए नोयेडा डीफ सोसायटी के साथ भागीदारी की गयी है जिसके 4 स्थायी प्रषिक्षक भारतीय सांकेतिक भाषा सिखाएगें। इस कार्यक्रम में सांकेतिक भाषा सिखाने वाले उन षिक्षकों को भी प्रषिक्षित किया जाएगा जो कि इस कोर्स को सिखाने में सक्षम हो सकेंगें। इस साझेदारी के माध्यम से वें सभी बच्चें सांकेतिक भाषा को सीख कर एवं कौषल विकास के जरियें व्यावसायिक और व्यक्तिगत क्षमता का गुणात्मक विकास कर समाज में सक्रिय योगदान दे सकेंगें। नोयेडा डीफ सोसायटी की संस्थापक रूमा रोका ने जानकारी दी की वें साकेंतिक भाषा को सिखाने के साथ ही युवाओं के लिये अग्रणी दृष्य प्रषिक्षण पाठ्यक्रम बनाने और कम्यूटर के जरियें एसे युवाओं को व्यावसायिक प्रषिक्षण देती है।

हिन्दुस्तान जिं़क के हेड कार्पोरेट कम्यूनिकेषन पवन कौषिक ने बताया कि तथ्यों के अनुसार भारत में 70 मिलियन से अधिक विषेष योग्यजन हैै। 10 जनवरी को हिन्दुस्तान जिं़क के 51वें स्थापना दिवस पर जीवन तरंग जिं़क के संग कार्यक्रम की औपचारिक शुरूआत की गयी थी। इस पहल से विषेष योग्यजन बच्चें जो कि सुन बोल नहीं सकतें, देख नहीं सकते या आम लोगो की तरह सोच समझ नहीं रखतें, समाज के साथ समायोजित हो कर अपना जीवन जीने के लिये महत्वपूर्ण साबित होगा।
जिं़क दिवस पर आयाजित कार्यक्रम में अष्विन बजाज, निदेषक इन्वेस्टर रिलेषन्स वेदांता रिसोर्सेज, मुख्य वित्तीय अधिकारी – अमिताभ गुप्ता, हेड प्रोजेक्ट -नवीन सिंघल, मुख्यप्रचालन अधिकारी स्मेल्टर्स – पंकज कुमार, मुख्यप्रचालन अधिकारी माईनिंग – एलएस शेखावत, हेड सीएसआर – नीलिमा खेतान, चीफ कॉमर्षियल ऑफीसर – रामाकृष्णन काषीनाथ, पर्यावरण प्रमुख वी.जयरमन, उपवित्तीय अधिकारी सोनल श्रीवास्तव सहित अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे।
पेराएथलीट चेम्पियनषीप में गोल्ड विजेता भारतीय एथलीट सुंदर सिंह गुर्जर भी हाल ही में इन विषेषयोग्यजन बच्चों से मिले और इनसे बातचीत कर इनका उत्साह वर्धन किया। बच्चें भी उनसे मिलकर उत्साहित नज़र आए। सुन्दर सिंह ने बच्चों का मनोबल बढ़ाया एवं कहा कि कठिन परिश्रम एवं लगन से लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। 19 से 22 साल की उम्र सभी के लिए उज्जवल भविष्य की कुंजी होता है। उन्होंने बच्चों को जोर डालते हुए कहा कि बच्चों को अपनी रूचि के अनुसार अपने कॅरियर का चुनाव करना चाहिए। सुन्दर सिंह गुर्जर ने फज्जा, दुबई में फरवरी 2017 में आयोजित 9वीं आईपीसी ग्रांड प्रीक्स में डिस्कस एवं शॉट पुट में 3 स्वर्ण पदक जीतकर विजेता रहे है। मार्च 2017 में 3 नेषनल पैरा एथलेटिक्स चैम्पियनषिप में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का नाम रोषन किया है। सुन्दर सिंह जुलाई 2017 में लंदन में आयोजित विष्व पैरा एथलेटिक्स चैम्पियनषिप में 60.36 मीटर की रेस में भारत के एकमात्र स्वर्ण पदक विजेता रहे है।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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