राजस्थान के युवक करेंगे खनन में जम्बो ड्रीलिंग

BY — May 31, 2018

हिन्दुस्तान जिंक माईनिंग एकेडमी में राजस्थान के 500 युवाओं को जम्बो ड्रिल एवं वाईन्डिग इंजन आॅपरेशंस में प्रषिक्षण दिया जा रहा है। हिन्दुस्तान जिंक ने सभी प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों के लिए आवास का भी प्रावधान किया गया है आवास में सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध है जिनमे कैंटीन, जम्बो वाशिंग मशीन भी शामिल हैं।

खनन कार्यों में योग्य और उत्पादक कर्मचारी अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी है, हिन्दुस्तान जिंक अपनी माईनिंग एकेडमी में कई प्रकार के प्रषिक्षण की शुरूआत कर खनन क्षेत्र में कार्य करने के लिए जज़्बा रखने वाले उन युवाओं के लिए एक बेहतर उपलब्धि है जो कि आधुनिक मशीनों का कुशल प्रबंधन सीख कर इस क्षेत्र में अपना मुकाम हासिल करना चाहते है।
हिन्दुस्तान जिंक के हेड कॉरपोरेट कम्युनिकेशन पवन कौशिक ने बताया कि ‘हिन्दुस्तान जिंक माइनिंग एकेडमी’ स्थापित करने का मुख्य उद्देश्‍य राजस्थान के योग्य युवाओं को क्षमता के अनुसार रोजगार प्रदान करना हैै। वर्तमान में तकरीबन 200 राजस्थान के युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं तथा जल्द ही उनको रोजगार भी प्राप्त हो जाएगा।
कुछ वर्षों से खनन क्षेत्र में दुनिया भर में अभूतपूर्व विकास हुआ है जिसका अपवाद भारत भी नहीं है। प्राकृतिक संसाधनों के क्षेत्र में मेनपाॅवर की हर वर्ष मांग बढ़ती गई है। इस मांग को पूरी करने के लिये कई अंतर्राष्ट्रीय स्तर के विषोषज्ञों ने शामिल हो कर खनन तकनीक और धातु उत्पादन और भविष्य की खनन तकनीक को मूर्तरूप देने की मंशा जताई है। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी प्राकृतिक संसाधनों के क्षेत्र में बढ़ते रोजगार पर प्रकाश डाला है।
हिन्दुस्तान जिंक भारत की एकमात्र सीसा, जस्ता और चांदी धातु उत्पादन कम्पनी है जो विष्व में प्रतिनिधित्व करती है। हिन्दुस्तान जिंक की ओर से सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत स्किल काउन्सिल फोर माईनिंग सेक्टर तथा इण्डियन इन्स्टीट्यूट आॅफ स्किल डवलपमेंट प्रा. लि. के सहयोग से स्थापित हिन्दुस्तान जिंक माइनिंग एकेडमी राज्य के लगभग 500 आईटीआई पास-आउट्स युवाओं को जम्बो ड्रिल आॅपरेशंस एवं बाईन्डिग इंजन आॅपरेशंस में प्रशिक्षण देने के लिए हिन्दुस्तान जिंक पांच सालों में 30 करोड़ रुपये खर्च करेगा।
हिन्दुस्तान जिंक द्वारा दोनों प्रशिक्षण कार्यक्रमों में चयनित उम्मीदवारों को आवासीय सुविधाएं व भोजन आदि की निशुल्क व्यवस्था कराई गई है। आवासीय पाठयक्रम होने के कारण कक्षा में व्याख्यान और व्यावहारिक कार्यकुशलता को बेहतर तरीके से समझाना एवं विकसित करने के लिए विद्यार्थियों पर समान रूप से जोर दिया जा रहा है। प्रशिक्षणार्थियों को विभिन्न पहलुओं जैसे साॅफ्ट स्किल, सामूहिक प्रयास, अनुशासन और समग्र व्यक्तित्व विकास के रूप में तैयार किया जा रहा है जिससे उनको भविष्य में स्थाई रोजगार हासिल करने में मदद मिलेगी।
इन प्रषिक्षणार्थियों को 2000 से 7000 रुपये तक मासिक स्टाईफण्ड भी दिया जा रहा है जो उनके कार्य निष्पादन से सीधा जुड़ा हुआ है। वर्तमान में प्रषिक्षण केन्द्र भीलवाड़ा, राजसंमद और उदयपुर के पास जावर में स्थित है। खनन क्षेत्र में मानव संसाधन की कमी को दूर करने के लिए हिन्दुस्तान जिंक ने भारत की पहली माईनिंग एकेड़मी की स्थापना की है जो जंबो ड्रिल तथा वाईडिंग इंजिन आॅपरेषन संचालन में आईटीआई उत्तीर्ण अभ्यार्थियों को प्रशिक्षित करेगी।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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