इन्द्रियों से आता है बाह्य और आंतरिक ज्ञान

BY — August 12, 2018

तेरापंथ भवन में आध्यात्मिक प्रवचन के साथ स्वास्थ्य वार्ता

उदयपुर। साध्वी शासन श्री गुणमाला ने कहा कि जिन इंद्रियों से राग, द्वेष नही होता वे हमारे लिए वरदान बन जाती हैं। वो ज्ञान भी हेय है जिसके साथ अहंकार जुड़ जाता है। इन्द्रिय जगत से बाह्य और आंतरिक ज्ञान होता है।

वे रविवार को नियमित आध्यात्मिक प्रवचन सभा को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि बाह्य शरीर को हम महत्व देते हैं जबकि आंतरिक मन को महत्व देना चाहिए। जो भीतर देखता है वही संसार को समझ सकता है। जीवन की पोथी बहुत सूक्ष्म है जिस पर लाखों शब्द लिखे हुए हैं। अंगूठे के एक्सरे से व्यक्ति के जीवन चरित्र का अंदाज लगाया जा सकता है। विज्ञान ने काफी प्रगति कर ली है। जिज्ञासा मन में हमेशा होनी चाहिए। व्यक्तित्व और क्रिया के आधार पर व्यक्ति के स्वभाव का अनुमान लगाया जा सकता है। वातावरण और पर्यावरण के भी हम पर प्रभाव पड़ता है। जीवन के लक्ष्य को समझ पाना बहुत कठिन है। बचपन, युवा, प्रौढ़ और वृद्ध चार अवस्थाएं होती हैं। डांटने, मारने से कोई नही सुधरता, भावनाओं में परिवर्तन आने पर ही व्यक्ति में बदलाव आता है। प्रौढ़ अवस्था को सुधारने के लिए व्यक्ति चिंतन करता है। वृद्धावस्था में बेसहारा हो जाता है। धन, परिजन सब छूट जाता है। अपने सुख भाव ही शरण देते हैं। आकर्षण और ममता ही व्यक्ति को डुबा देती है। साध्वी प्रेक्षाप्रभा और साध्वी नव्यप्रभा ने भी विचार व्यक्त किये। साध्वी लक्ष्यप्रभा ने विभिन्न आध्यात्मिक प्रतिस्पर्धाओं की जानकारी दी।
इस दौरान निजी चिकित्सालय के न्यूरो सर्जन डॉ अजित सिंह ने कहा कि 80 प्रतिशत लोग कमर दर्द के कारण कभी न कभी जीवन में एक बार डॉक्टर के पास जाते ही हैं। भारी वजन एकदम से नही उठाना चाहिए। एक ही परिस्थिति में लगातार नही बैठें। उन्होंने प्रजेंटेशन के माध्यम से भी जानकारी दी। किसको अस्पताल जाना चाहिए और किसको नही, इसका भी ध्यान रखना जरूरी है। पेशाब रुक जाए, कब्ज की शिकायत है और कमर दर्द है तो निश्चय ही डॉक्टर को दिखाना चाहिए। लकवा की शिकायत हो, सुन्नपन हो, करंट की तरह दर्द लगे, चल नहीं पा रहे हैं, रात में दर्द हो तो इग्नोर बिल्कुल न करें।
हृदयरोग विशेषज्ञ डॉ. अमित खंडेलवाल ने कहा कि हृदय वो हिस्सा है जो हर पल चलता है। ब्लड को पूरे शरीर में सप्लाई करता है। हृदय रोग 5 भागों में विभाजित करते हैं। पम्पिंग, वाल्व, हर्ट में छेद, हार्ट की नाड़ियों में ब्लॉकेज और हार्ट अटैक इसलिए क्योंकि ज्यादातर इसके मरीज ही पाए जाते हैं। ब्लॉकेज 2 साल की उम्र से शुरू हो जाता है। शुरू से इस बारे में ध्यान रखना है। धीरे धीरे ब्लॉकेज बढ़ता है। छाती में दर्द, अचानक बैचेनी, मितली आना ये मेजर अटैक का संकेत है। स्मोकिंग और तनाव आज मुख्य कारण हैं।
सभाध्यक्ष सूर्यप्रकाश मेहता ने बताया कि आरम्भ में ज्ञानशाला के बच्चों ने स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में देशभक्ति से ओतप्रोत गीत की प्रस्तुति दी। साध्वीवृन्दों ने गीतिका प्रस्तुत की। संचालन मंत्री प्रकाश सुराणा ने किया।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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