मनोबल के बिना तप संभव नही : गुणमाला

BY — August 23, 2018

मासखमण करने पर तपस्वी अभिनंदन

उदयपुर। तेरापंथी सभा की ओर से गुरुवार को अणुव्रत चौक स्थित तेरापंथ भवन में तीसरी बार मासखमण करने पर रावलिया निवासी तपस्वी मोहनलाल बम्ब का अभिनंदन किया गया। सभाध्यक्ष सूर्यप्रकाश मेहता ने अभिनंदन पत्र का वाचन किया।

भवन में चातुर्मास कर रही साध्वी गुणमाला ने कहा कि व्यक्ति में दो तरह की शक्ति देहस्थ और आत्मस्थ होती है। देहस्थ का ध्यान देह की तरफ रहता है वहीं आत्मस्थ का ध्यान आत्मा की पूंजी बढ़ाने पर लगा रहता है। जैसे शरीर की पुष्टि के लिए भोजन आवश्यक है वैसे ही आत्मा की पवित्रता बढ़ाने के लिए आध्यात्मिक अनुष्ठान जरूरी है। उनमें तप भी एक बड़ी साधना है। मनोबल के बिना तप नहीं हो सकता। जिसका अपने संवेग पर नियंत्रण है, वही तप कर सकता है।तपस्या द्रव्य भाव दोनों दृष्टि से हितकारी है।
तप अभिनंदन समारोह में साध्वी लक्ष्यप्रभा, तेरापंथ महिला मण्डल की पुष्पा कर्णावट, समता सोनी, बम्ब की पुत्रियां रेखा चोरडिया, कौशल्या, दोहित्री ख्याति चोरडिया, सुशीला वर्डिया, जीतू वर्डिया ने भी विचार व्यक्त किये। मुख्य सरंक्षक शांतिलाल सिंघवी, उपाध्यक्ष अर्जुन खोखावत ने अभिनंदन पत्र भेंट किया। पूर्व में मासखमण कर चुके रमेश सिंघवी और सुशीला वर्डिया ने साहित्य और उपरणा भेंट किया।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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